एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शनिवार को धरना स्थल पर युवाओं और छात्र संगठनों ने जम कर विरोध प्रर्शन किया। धरने के दौरान भारी संख्या में छात्रों और छात्र संगठनों की भीड़ देखने को मिली। इस विरोध प्रदर्शन की जानकारी प्रशासन को पहले से ही थी, जिसको देखते हुए पुलिस बल भी प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या मोजूद दिखा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारे लगाए चंदा चोर कहा मिलेंगे? भाजपा के दफ्तर में एसआईआर रद्द करों। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब वोट चोरी मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। छात्रों का कहना है कि यह सरकार छात्रों और देश वासीयों के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है।
मतदाता सूची में गड़बड़ी के चलते छात्रों में आक्रोश
विरोध प्रदर्श के दौरान दिशा, आईशा जैसे छात्र संगठन इस प्रदर्शन की अगुवाई करते दिखे। आइसा छात्र संगठन की इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई की अध्यक्ष सोनाली ने कहा कि यह सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और सत्ताधारी पार्टी दोनों मिलकर मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रहे हैं। आने वाले समय जिसका प्रभाव यह पड़ेगा कि कई लोग मतदान करने लायक नहीं बचेंगे। इसी के साथ उन्होंने कहा कि कई छात्र नेताओं को पुलिस के द्वारा हाउस अरेस्ट किया गया। इतना ही एक छात्र वाइवा की परीक्षा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि छात्र को पहले पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया, फिर उसके बाद पुलिस उसके साथ वाइवा हाल तक जाती है। इस पर दिशा छात्र संगठन के चंद्रप्रकाश ने कहा कि पुलिस का यह रवैया दर्शाता है कि पुलिस किस हद तक छात्रों की आवाजों का दमन करने पर लगी है। छात्रों के हाथोंं में तख्ती पर लिखे ज्ञानेश कुमार इस्तीफे दो, ज्ञाून तो गयो जैसे नारे लिखे थे। युवाओं और छात्र संगठनों का कहना है कि जब सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करेगी तब हम इसी तरह विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे। छात्रों के विरोध प्रदर्शन की जानकारी पुलिस प्रशासन को पहले ही हो गई थी। सुरक्षा की दृष्टी से सिविल लाइंस हनुमान मंदिर से लेकर के धरना स्थल तक भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहीं। यहां पर ड्रोन कैमरे के माध्यम से भी निगरानी की जा रही थी। पुलिस प्रशासन की संख्या अधिक होने के चलते धरना स्थल छावनी में तबदील हो गया था।

भारी संख्या में मौजूद रहा पुलिस बल
प्रदर्शकारियों की मांगे
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा
एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द करना
ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराना
एसआईआर के बाद जहां चुनाव हुए उन्हें रद्द पुन: चुनाव कराए जाए
रिपोर्ट: आकाश त्रिपाठी



