हर शिकायत पर रखें नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में होने वाली छोटी से छोटी घटनाओं पर भी सतर्क रहें। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचें और पीड़ित पक्ष की बात सुनकर आवश्यक कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि समाज में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले तत्व अक्सर छोटी घटनाओं को बड़ा मुद्दा बनाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में प्रशासन की सक्रियता बेहद जरूरी है।
फरियादियों से सीधे संवाद
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। प्रशासन, पुलिस, राजस्व, बिजली और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतों पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिलनी चाहिए और शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा में होना चाहिए।
पुलिस शिकायतों पर दिखाई सख्ती
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। इस पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से जनसुनवाई करें और लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। कानून व्यवस्था और राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
बच्चे से मुलाकात बनी चर्चा का विषय
जनता दर्शन के दौरान एक दिलचस्प पल भी देखने को मिला। अपनी मां के साथ आए एक छोटे बच्चे से मुख्यमंत्री ने उसकी पढ़ाई और स्कूल के बारे में पूछा। बाद में उन्होंने बच्चे को चॉकलेट दी।
बताया गया कि जब मुख्यमंत्री ने मजाक में चॉकलेट वापस मांगी तो बच्चे ने देने से इनकार कर दिया। इस पर वहां मौजूद लोग मुस्कुरा उठे। मुख्यमंत्री ने बच्चे को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी।
समयबद्ध समाधान पर जोर
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने और हर शिकायत का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।