UP HIGH COURT-शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग अस्वीकार, उच्च न्यायालय ने दिया 31 अगस्त 2028 तक छह परीक्षाएं कराने का निर्देश

UP High Court: Demand to include 'Shikshamitras' (para-teachers) in a special TET rejected; High Court directs that six examinations be conducted by August 31, 2028.

UP HIGH COURT-इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शिक्षामित्रों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में शामिल करने की मांग अस्वीकार कर दी है। कोर्ट ने कहा कि नियमित पदों पर नियुक्त सहायक अध्यापक और शिक्षामित्रों की सेवा की स्थिति अलग-अलग है। इसलिए विशेष टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल नहीं किए जाने को भेदभाव नहीं माना जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने शिक्षामित्रों को टीईटी पास करने के लिए पर्याप्त अवसर देने के उद्देश्य से राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को 31 अगस्त 2028 तक कम से कम छह नियमित टीईटी परीक्षाएं कराने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने वसीम अहमद की विशेष अपील पर यह आदेश दिया। याचिका में दो सितंबर 2026 के शासनादेश और तीन सितंबर को जारी विज्ञापन को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत विशेष टीईटी परीक्षा में केवल कार्यरत शिक्षकों और संविदा पर कार्यरत विशेष शिक्षकों को शामिल करने की व्यवस्था की गई थी।

अपीलकर्ताओं का कहना था कि वे 20 वर्षों से अधिक समय से शिक्षामित्र के रूप में काम कर रहे हैं। विशेष शिक्षकों को संविदा पर होने के बावजूद परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया है, जबकि शिक्षामित्रों को इससे बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र अभ्यर्थियों को टीईटी पास करने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।

आयोग ने बताया कि तीन नवंबर से शुरू विशेष टीईटी में करीब 86 हजार नियमित सहायक अध्यापकों और विशेष शिक्षकों को अवसर दिया गया है। शिक्षामित्रों की संख्या करीब डेढ़ लाख है। वे नियमित पदों पर नियुक्त नहीं हैं, बल्कि मानदेय पर कार्यरत हैं। विशेष शिक्षकों को अलग श्रेणी में रखने का आधार दिव्यांग बच्चों और विशेष जरूरत वाले विद्यार्थियों को शिक्षा देना है। बताया गया कि अगली नियमित टीईटी परीक्षा 26 और 27 फरवरी 2027 को कराई जाएगी। इसके बाद जून-जुलाई और दिसंबर-जनवरी में भी परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। आयोग ने वर्ष 2028 में भी परीक्षा कराने का भरोसा दिया।

खंडपीठ ने कहा कि शिक्षामित्रों को वर्ष 2026, 2027 और 2028 में टीईटी पास करने के लिए प्रत्येक वर्ष दो अवसर दिए जाने चाहिए। आयोग के आश्वासन के बावजूद अवसरों की संख्या पूरी करने के लिए वर्ष 2028 में 31 अगस्त से पहले एक और नियमित टीईटी परीक्षा कराई जाए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि निर्धारित तारीख के बाद उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत कोई अतिरिक्त अवसर नहीं मिलेगा। इन्हीं निर्देशों के साथ विशेष अपील निस्तारित कर दी गई।

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