
UP News:मिशन सेफ फ्यूचर 2.0’ अभियान के तहत अनफिट स्कूली वाहनों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में सोमवार को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कार्यालय परिसर में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित शिविर में स्कूली वाहनों के चालकों के नेत्र एवं स्वास्थ्य की जांच शासकीय चिकित्सकों द्वारा की गई।
शिविर का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के साथ-साथ वाहन चालकों के स्वास्थ्य की स्थिति का परीक्षण करना रहा। चिकित्सकों ने चालकों की आंखों की जांच के साथ सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। अधिकारियों ने कहा कि स्कूली वाहनों के संचालन में चालक की शारीरिक और मानसिक फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण है। स्वस्थ एवं सक्षम चालक ही बच्चों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचा सकता है।
स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों ने चालकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए आवश्यक सुझाव भी दिए। वहीं, परिवहन विभाग की ओर से स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
शिविर में कार्यालय मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से डॉ. आरिफ मजीद एवं डॉ. ऋतु ओमर मौजूद रहीं। इसके अलावा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) श्रीमती श्वेता वर्मा तथा माल/यात्रीकर अधिकारी विनय कुमार पांडेय उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्वास्थ्य परीक्षण शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ‘मिशन सेफ फ्यूचर 2.0’ के तहत स्कूली वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा मानकों और चालकों की स्वास्थ्य स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों के आवागमन को अधिक सुरक्षित बनाना और अनफिट वाहनों के संचालन पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
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