
UP News:68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 में आरक्षण विसंगति को लेकर प्रभावित अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। शुक्रवार को आंदोलन के 67वें दिन धनतेरस के पर्व पर भी अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर लखनऊ के ईको गार्डन में डटे रहे। प्रदर्शनकारी ईको गार्डन के बाहर स्थित फव्वारे के पास एकत्रित हुए और शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया।
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आरक्षण का लाभ देते हुए राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुतियों के आधार पर चयन परिणाम में संशोधन किया जाए। इसके अलावा दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनके आश्रित अभ्यर्थियों को भी नियमानुसार आरक्षण का लाभ देकर संशोधित परिणाम के आधार पर नियुक्ति देने की मांग उठाई गई।
धरने का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने कहा कि पिछले 67 दिनों से सैकड़ों अभ्यर्थी न्याय की उम्मीद में आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धनतेरस जैसे त्योहार पर भी अभ्यर्थियों को अपने परिवार से दूर धरना स्थल पर बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। आरक्षण संबंधी विसंगतियों के चलते प्रभावित अभ्यर्थियों के परिवारों में त्योहार की खुशियों के बजाय निराशा और बेरोजगारी का माहौल है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के सामने कई बार अपनी समस्याएं रखी गईं। हर बार आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने शासन से आयोगों की संस्तुतियों और आरक्षण संबंधी नियमों के अनुरूप मामले का जल्द निस्तारण करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक संशोधित चयन परिणाम जारी कर प्रभावित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में नवीन चौधरी, रंजना जायसवाल, मनोज, राम प्रवेश, विनोद प्रजापति, नसीम फरीदी, दीपक पटेल, रणबहादुर वर्मा, किरण मौर्य, उत्कर्ष पटेल, सुमन यादव, अनुराग पाल, घनश्याम यादव, तारिक, अनश, शिव शंकर गौड़, शिववीर, अजीत और अरविंद समेत सैकड़ों अभ्यर्थी मौजूद रहे।



