शशि थरूर और कांग्रेस में बयान को लेकर तकरार, बोले- ‘मैं अपने सारांश पर कायम हूं’

पीएम मोदी की कथित टिप्पणी की व्याख्या पर विवाद, पवन खेड़ा के बयान के बाद थरूर ने दी सफाई

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। इस बार विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस कथित टिप्पणी को लेकर खड़ा हुआ है, जिसमें समुद्री मार्गों पर कार्यरत नागरिक नाविकों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया था। थरूर के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सवाल खड़े किए, जिसके बाद दोनों के बीच सार्वजनिक रूप से मतभेद सामने आ गए।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से कथित तौर पर दिए गए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि युद्ध के समय वाणिज्यिक जहाजों पर काम करने वाले नागरिक नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण संदेश है कि नागरिक समुद्री कर्मियों को युद्ध का हिस्सा नहीं माना जाना चाहिए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

थरूर की इस टिप्पणी पर कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आपत्ति जताई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि थरूर प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा में ऐसी बातें भी सुन रहे हैं, जो वास्तव में कही ही नहीं गईं। खेड़ा ने यह भी सवाल उठाया कि भारत-अमेरिका संयुक्त बयान में भारतीय नाविकों की मौत का कोई उल्लेख नहीं था, फिर थरूर किस आधार पर ऐसी व्याख्या कर रहे हैं।

पार्टी के भीतर से उठी आलोचना के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और उनकी मौत जैसे गंभीर विषय को राजनीतिक विवाद का रूप दिया जा रहा है। थरूर ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल उन भारतीय नागरिकों की मौत पर चिंता व्यक्त करना और यह सिद्धांत दोहराना था कि नागरिक समुद्री कर्मियों को किसी भी सैन्य कार्रवाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

अपने बचाव में थरूर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री के शब्दों को गढ़ा नहीं है, बल्कि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में प्रकाशित जानकारी के आधार पर अपनी टिप्पणी की थी। उन्होंने एक ऑनलाइन सारांश का भी हवाला दिया, जिसमें बताया गया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 आउटरीच सत्र के दौरान समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया था।

थरूर ने कहा कि उन्होंने जो कुछ कहा, वह सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित था और वह अपने निष्कर्ष पर कायम हैं। उन्होंने लिखा कि वह प्रिंट मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर तैयार किए गए अपने सारांश का समर्थन करते हैं और इसे गलत तरीके से प्रस्तुत करने का कोई सवाल नहीं उठता।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब कांग्रेस पार्टी के भीतर विभिन्न मुद्दों पर मतभेदों की चर्चाएं पहले से ही चल रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रकरण पार्टी के अंदर विचारों के टकराव और नेतृत्व से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को भी उजागर करता है।

फिलहाल इस मामले ने कांग्रेस के भीतर एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के बयानों की व्याख्या, राजनीतिक प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नेताओं की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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