
Prof Girija Shankar Shukla Death Anniversary: लालगंज तहसील सभागार में मंगलवार को बहुगुणा पीजी कॉलेज के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. गिरिजा शंकर शुक्ल की 21वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। हिन्दी मित्र संघ एवं संयुक्त अधिवक्ता संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ एसडीएम वाचस्पति सिंह और संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेशचंद्र तिवारी ने प्रो. शुक्ल के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि एसडीएम वाचस्पति सिंह ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की आधारशिला होते हैं और शिक्षा के माध्यम से पीढ़ियों का भविष्य संवारते हैं। उन्होंने कहा कि प्रो. गिरिजा शंकर शुक्ल ने हिन्दी भाषा, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह नई पीढ़ी को सदैव प्रेरणा देता रहेगा तथा शैक्षिक मूल्यों की मजबूती में उनका योगदान अमूल्य है।
हिन्दी मित्र संघ के संयोजक एवं प्रो. शुक्ल के कनिष्ठ पुत्र ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं उनके ज्येष्ठ पुत्र एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के रक्षा अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. ओमप्रकाश शुक्ल ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का स्वागत किया।
संघ के पूर्व अध्यक्ष राव वीरेन्द्र सिंह तथा पूर्व महामंत्री संतोष पाण्डेय ने प्रो. गिरिजा शंकर शुक्ल को एक आदर्श शिक्षक बताते हुए शिक्षा जगत में उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेशचंद्र तिवारी ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष अबरार अहमद खान ने किया। अंत में उपाध्यक्ष नामवर सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में लेखपाल संघ के मंत्री मो. अकरम, पीएलवी निरंजन प्रकाश तिवारी, अधिवक्ता आशीष तिवारी, विनय शुक्ल, सुमित त्रिपाठी, शिवेन्द्र तिवारी, दिनेश सिंह, धर्मराज, केके तिवारी, शिव नारायण शुक्ल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



