Politics : योगी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर विवाद, अखिलेश-कांग्रेस ने साधा निशाना; जानें पूरा मामला

Politics : योगी आदित्यनाथ की कथित प्रेस कॉन्फ्रेंस घटना को लेकर अखिलेश यादव, कांग्रेस और CJP ने सवाल उठाए हैं। पत्रकार के सवालों और प्रेस स्वतंत्रता पर बढ़ा विवाद।

Politics : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर एक कथित वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस और कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने आरोप लगाया है कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकार के सवाल पूछने पर मुख्यमंत्री वहां से चले गए।

CJP और अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कथित घटना के वीडियो साझा किए हैं। वीडियो को लेकर विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश सरकार पर पत्रकारों के सवालों से बचने और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

CJP ने प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर उठाए सवाल

कॉकरेच जनता पार्टी ने कथित घटना का वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया कि पत्रकार लगातार सवाल पूछ रहा था, जबकि मुख्यमंत्री वहां से चले गए।

CJP ने अपनी पोस्ट में भारत की प्रेस स्वतंत्रता की स्थिति का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि यही वजह है कि भारत प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में 180 देशों में 157वें स्थान पर है।

अखिलेश यादव का तंज- प्रेस कॉन्फ्रेंस को ‘प्रेस मोनोलॉग’ कहिए

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और BJP सरकार पर हमला बोला। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए सोशल मीडिया पर लिखा कि जिन लोगों को नाम बदलने की आदत है, उन्हें अब ‘प्रेस कॉन्फ्रेंस’ का नाम बदलकर ‘प्रेस मोनोलॉग’ कर देना चाहिए।

अखिलेश यादव ने कहा कि जब पत्रकारों को सवाल पूछने का अधिकार ही नहीं होगा और केवल बयान सुनना होगा, तो बिना संवाद के ‘कॉन्फ्रेंस’ शब्द का क्या अर्थ रह जाता है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में सवालों की बाढ़ है, लेकिन सरकार के पास उनके जवाब नहीं हैं। अखिलेश ने मुख्यमंत्री के कथित तौर पर वहां से चले जाने को लेकर भी तंज कसते हुए कहा कि मैदान छोड़कर चले जाने को भागना भी कहा जा सकता है।

‘एकतरफा बयानबाजी’ को लेकर भी सरकार पर हमला

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एकतरफा बयानबाजी होती है। उन्होंने दावा किया कि सरकार सवालों का सामना करने के बजाय केवल अपना पक्ष रखने पर जोर देती है।

सपा प्रमुख ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार अब यह भी कहेगी कि वह पत्रकारों के सवाल सुनने के मूड में नहीं है।

कांग्रेस ने पत्रकार की नौकरी और सुरक्षा का मुद्दा उठाया

कांग्रेस ने भी इस मामले को लेकर योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछने की कोशिश करने वाली महिला पत्रकार को कथित तौर पर नौकरी से हटा दिया गया।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पत्रकार को BJP कार्यालय में घेरकर धमकाया गया और कथित तौर पर बुलडोजर कार्रवाई जैसी धमकियां भी दी गईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सवाल पूछने पर किसी पत्रकार को रोजगार और सुरक्षा से वंचित करना उस सरकार की ‘तानाशाही मानसिकता’ को दर्शाता है, जो सुशासन का दावा करती है।

अजय राय ने कथित घटना को पत्रकार पर हमला बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पत्रकारों के साथ खड़ी है और ऐसे कथित कदमों का विरोध करेगी।

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