
Prayagraj News- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बालिग प्रेमी जोड़े को शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन जीने और परिवार व अन्य पक्षों के हस्तक्षेप से सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने यह आदेश स्मृति रचना व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य की याचिका पर पारित किया।
दोनों याचिकाकर्ता बालिग हैं और उन्होंने 16 अगस्त 2026 को रीति-रिवाज से विवाह किया है। यह दोनों का पहला विवाह है और इसके विरुद्ध कोई एफआईआर दर्ज नहीं है। आरोप लगाया गया कि विवाह के बाद से प्रतिवादीगण द्वारा उन्हें धमकाया और परेशान किया जा रहा है।
कोर्ट ने कहा कि बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद से विवाह करने का पूर्ण अधिकार है और “ऑनर किलिंग” जैसी घटनाएं दुर्लभतम श्रेणी के अपराध हैं।
अदालत ने निर्देश दिया कि यदि याचिकाकर्ताओं की शांतिपूर्ण जीवनशैली में कोई बाधा उत्पन्न होती है, तो वे संबंधित पुलिस अधीक्षक के पास इस आदेश की प्रति के साथ जा सकते हैं, जो तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता दो माह के भीतर अपने विवाह को उत्तर प्रदेश विवाह पंजीकरण नियमावली, 2017 के तहत पंजीकृत कराएं, अन्यथा दी गई सुरक्षा समाप्त हो जाएगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश से विवाह की वैधता अथवा प्रामाणिकता पर कोई निर्णय नहीं दिया गया है और यह किसी भी विधिक कार्यवाही में बाधा नहीं बनेगा।
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