
Pratapgarh News-समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने मंगलवार को प्रतापगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा सरकार पर सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था के साथ धांधली करने का गंभीर आरोप लगाया। प्रेस वार्ता में विधानसभा में सपा के उप मुख्य सचेतक रानीगंज विधायक आर के वर्मा, पट्टी विधायक राम सिंह पटेल ने
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों में की गई भर्तियों में आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक समाज के युवाओं के अधिकारों की अनदेखी करते हुए उनके हिस्से के पदों पर अन्य वर्गों को नियुक्तियां दे दी गईं।
विधानसभा में सपा के उप मुख्य सचेतक रानीगंज विधायक आरके वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पड़ा) वर्ग के युवाओं के साथ अन्याय हुआ है और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में सामाजिक न्याय की अवधारणा को दरकिनार कर भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं की गई हैं।
सपा विधायकों ने दावा किया कि कई प्रमुख भर्तियों में ओबीसी और अनुसूचित जाति वर्ग को उनका निर्धारित आरक्षण कोटा नहीं मिला। उन्होंने विशेष रूप से ग्राम विकास अधिकारी भर्ती, 69 हजार शिक्षक भर्ती, मेडिकल अफसर भर्ती और लेखपाल भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नियुक्तियों में आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार, आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित कई पदों को अन्य श्रेणियों में समायोजित कर दिया गया, जिससे पात्र अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ा।
प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने कहा कि आरक्षण केवल एक व्यवस्था नहीं बल्कि सामाजिक न्याय का संवैधानिक अधिकार है। यदि आरक्षण नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जाएगा तो समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी विवादित भर्तियों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सपा नेताओं ने यह भी कहा कि पार्टी लंबे समय से आरक्षण से जुड़े मुद्दों को उठा रही है और आगे भी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आरक्षण के मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि आरक्षित वर्गों के युवाओं को उनके हिस्से का प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सपा विधायकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और आरक्षण के अधिकारों की रक्षा के लिए सपा सड़क से सदन तक संघर्ष करने के लिए तैयार है। इस मौके पर पूर्व विधायक नागेन्द्र सिंह यादव मुन्ना, अब्दुल कादिर जिलानी महामंत्री, आशुतोष पाण्डेय आदि मौजूद रहे l
रिपोर्ट उमेश पाण्डेय जिला संवाद दाता यूनाईटेड भारत


