
Pilibhit News : व्यापारियों के बीच आपसी विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की दिशा में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की पहल सफल रही। जिलाध्यक्ष अनूप अग्रवाल के प्रयासों से दो सर्राफा कारोबारियों के बीच वर्षों से चला आ रहा लेन-देन का विवाद आपसी सहमति से समाप्त हो गया। बकाया धनराशि का पूरा भुगतान होने के बाद दोनों पक्षों ने मामले को खत्म करने पर सहमति जताई।
अनूप अग्रवाल के कार्यालय में हुई दोनों पक्षों की वार्ता
जानकारी के अनुसार, भिकारीपुर निवासी मुकेश रस्तोगी और परेश ज्वेलर्स के स्वामी एवं सर्राफा कारोबारी परेश अग्रवाल के बीच लंबे समय से पुराने लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। मामले को सुलझाने के लिए जिलाध्यक्ष अनूप अग्रवाल ने अपने कार्यालय में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई।
वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने अपना-अपना पक्ष रखा। इसके बाद आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकाल लिया गया। समझौते के तहत मुकेश रस्तोगी ने परेश अग्रवाल की पूरी बकाया धनराशि का भुगतान कर दिया।
भविष्य में कानूनी कार्रवाई नहीं करने पर सहमति
बकाया रकम मिलने के बाद दोनों कारोबारियों ने विवाद को पूरी तरह समाप्त मानते हुए भविष्य में इस मामले को लेकर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने आपसी रजामंदी से हुए समझौते पर संतोष व्यक्त किया।
इस दौरान स्वर्णकार समाज के महामंत्री निमित अग्रवाल और रचित ज्वेलर्स के स्वामी रचित अग्रवाल भी मौजूद रहे।
व्यापारियों में भाईचारा और विश्वास बनाए रखना उद्देश्य: अनूप अग्रवाल
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनूप अग्रवाल ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के बीच आपसी विश्वास, भाईचारे और एकजुटता को मजबूत करना है। व्यापारिक गतिविधियों के दौरान होने वाले मतभेदों को बातचीत और आपसी सहमति से सुलझाना सबसे बेहतर रास्ता है।
उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल भविष्य में भी व्यापारियों के हितों की रक्षा करने और आपसी विवादों को संवाद के माध्यम से समाप्त कराने के लिए प्रयास करता रहेगा।
दोनों पक्षों के बीच बकाया भुगतान और आपसी सहमति से हुए इस समझौते को पीलीभीत के व्यापारिक समुदाय में सौहार्द और आपसी विश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



