
Parliament Deadlock 2026: संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात कर सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने पर चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय हुई जब लगातार हंगामे के कारण संसद का कामकाज प्रभावित हो रहा है और सरकार तथा विपक्ष के बीच टकराव कम होने के संकेत तलाशे जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में संसद में सामान्य कामकाज बहाल करने और विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनाने के प्रयास किए गए। सरकार चाहती है कि सदन में विधायी कार्य बिना बाधा के आगे बढ़े, जबकि विपक्ष अपनी मांगों पर चर्चा कराए बिना पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा है। ऐसे में यह बैठक आगामी रणनीति तय करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बीच सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। लोकसभा अध्यक्ष ने कई बार सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष का कहना है कि सरकार को उन मुद्दों पर तत्काल चर्चा करानी चाहिए जिन्हें वह जनता से जुड़ा और गंभीर मानता है। इसी क्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी सवाल उठाए और 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित अनियमितताओं समेत कई मुद्दों को संसद में उठाने की मांग दोहराई।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि संसद में केवल राजनीतिक नहीं बल्कि आम जनता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने E20 ईंधन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे वाहन मालिकों में भ्रम की स्थिति है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और वाहन कंपनियों की जवाबदेही तय करने की मांग की, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो संसद का गतिरोध खत्म हो सकता है। हालांकि विपक्ष फिलहाल अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है और सरकार भी सदन को बिना व्यवधान चलाने की अपील कर रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है या फिर आने वाले दिनों में भी संसद का कामकाज हंगामे की भेंट चढ़ता रहेगा।



