
शिक्षा विभाग से शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजने की मांग
मांगे नहीं मानने पर व्यापक आंदोलन करने की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने पुरानी नियमावली के अनुसार दो अवसर दिए जाने की मांग फिर तेज कर दी है। इसी मांग को लेकर छात्र प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को प्रतियोगी छात्र समिति के संयोजक आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मुलाकात की। बैठक में अपर शिक्षा निदेशक कामता रामपाल भी मौजूद रहें। बैठक के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने पुरानी नियमावली और वर्तमान नियमों के बीच अंतर को सामने रखते हुए अभ्यर्थियों को दो अवसर दिए जाने की मांग विस्तार से रखी। अपर शिक्षा निदेशक की ओर से इस संबंध में बताई गई विभिन्न कमियों और संभावित कानूनी अड़चनों पर छात्रों ने अपना पक्ष रखा। प्रतिनिधियों ने कहा कि उचित प्रक्रिया अपनाकर इन बिंदुओं का समाधान किया जा सकता है और अभ्यर्थियों को अवसर देने में ऐसी कोई कानूनी बाधा नहीं है, जिसे शिक्षा विभाग दूर न कर सके।
किसी एक वर्ग को लाभ देने की मांग नहीं
छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति या विशेष वर्ग को अनुचित लाभ पहुंचाने की नहीं है। उनका कहना है कि मामला उन अभ्यर्थियों के अवसरों से जुड़ा है, जो पुरानी नियमावली के तहत भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के हकदार रहे हैं। छात्रों ने पुरानी और वर्तमान नियमावली के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए मामले पर निर्णय लेने की मांग की। बैठक में जिलाधिकारी ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए शिक्षा विभाग से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने की बात कही। छात्र प्रतिनिधियों ने मांग की कि रिपोर्ट में अभ्यर्थियों से जुड़े सभी तथ्य, पुरानी और वर्तमान नियमावली का अंतर तथा दो अवसर दिए जाने की व्यावहारिक और कानूनी स्थिति को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए।
मांग नहीं मानी तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
प्रतियोगी छात्रों ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन यदि मामले में गंभीरता से पहल करता है तो छात्र भी सकारात्मक सहयोग करेंगे। वहीं, मांग की अनदेखी होने पर आंदोलन को आगे और व्यापक करने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘छात्र अपने अधिकार और भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार और शिक्षा विभाग को छात्रों की बात गंभीरता से सुननी चाहिए और पुरानी नियमावली के अनुसार दो अवसर दिए जाने के विषय में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
रिपोर्ट: आकाश त्रिपाठी



