UP Politics: ‘सत्ता में थे तो कब्रिस्तान दिखता था…’, अखिलेश यादव के चुनावी वादों पर ओपी राजभर का तंज, सम्राट अशोक-बौद्ध स्थलों पर घेरा

अखिलेश यादव के सम्राट अशोक की जयंती पर छुट्टी और बौद्ध स्थलों को वर्ल्ड क्लास बनाने के चुनावी वादों पर ओपी राजभर ने सवाल उठाए हैं। राजभर ने सपा सरकार के पुराने फैसलों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा।

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है। राजनीतिक दलों की ओर से चुनावी तैयारियों के साथ-साथ एक-दूसरे पर बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। इसी कड़ी में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के हालिया चुनावी वादों को लेकर सवाल खड़े किए और कहा कि जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तब उसने क्या किया, इसका जवाब पहले जनता को देना चाहिए। राजभर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अखिलेश यादव के सम्राट अशोक, भगवान बुद्ध और बौद्ध स्थलों से जुड़े वादों पर तंज कसा।

अखिलेश यादव के किन वादों पर राजभर ने साधा निशाना?

दरअसल, अखिलेश यादव ने कुशवाहा, शाक्य, मौर्य और सैनी समाज के सम्मेलन में कई घोषणाएं और वादे किए थे। उन्होंने कहा था कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा।

इसके अलावा अखिलेश यादव ने गोमती रिवर फ्रंट पर बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा लगाने और स्मारक बनाने की बात कही थी। उन्होंने भगवान बुद्ध से जुड़े प्रमुख स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ने का भी वादा किया था।

अखिलेश यादव के मुताबिक कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, सारनाथ और सोनभद्र जैसे स्थानों को बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित कर दुनिया से जोड़ा जाएगा।

‘सत्ता में थे तब तो कब्रिस्तान दिखता था’

अखिलेश यादव के इन वादों पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी राजभर ने अपने X पोस्ट में उन्हें घेरा। राजभर ने कहा कि अगर अखिलेश यादव अब सम्राट अशोक और भगवान बुद्ध का नाम ले रहे हैं तो उन्हें अपने शासनकाल के कामकाज का भी जवाब देना चाहिए।

राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान बहुजन महापुरुषों के नाम पर बने कुछ जिलों और संस्थानों के नाम बदले गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय सरकार की प्राथमिकताएं अलग थीं और अब चुनाव के समय बहुजन महापुरुषों का नाम लिया जा रहा है।

हालांकि, ये दावे ओपी राजभर द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। संबंधित फैसलों और उनके संदर्भ को आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर अलग से देखा जाना चाहिए।

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अखिलेश यादव पर मुस्लिम वोट बैंक को लेकर भी हमला

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर मुस्लिम मतदाताओं को साधने की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस और राजनीतिक संवाद में किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाती है।

राजभर ने अपने बयान में यह भी सवाल उठाया कि चुनाव नजदीक आने पर ही सामाजिक और ऐतिहासिक महापुरुषों से जुड़े मुद्दे क्यों उठाए जा रहे हैं।

अखिलेश यादव ने क्या कहा था?

समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित सम्मेलन में अखिलेश यादव ने पिछड़े वर्गों और बहुजन समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सम्राट अशोक की जयंती पर अवकाश, बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा और भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों के विकास की बात कही।

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर सामाजिक न्याय और ऐतिहासिक महापुरुषों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देगी।

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