
National News: हैदराबाद हाउस में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी मेजबानी भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने की। बैठक में भारत के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान रणनीतिक सहयोग, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों पर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक में डॉ. एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री व्यापार, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर मंथन किया। चारों लोकतांत्रिक देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई।
फिजी में बनेगा नया पोर्ट
क्वाड समूह ने अपने पहले संयुक्त बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट के तहत फिजी में एक नए पोर्ट के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने पर भी सहमति बनी।
क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा सुरक्षा पर समझौते
बैठक में महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) और दुर्लभ मृदा (रेयर अर्थ) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। भारत और अमेरिका के बीच क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क पर भी सहमति बनी।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जानकारी दी कि ऊर्जा लचीलापन बढ़ाने के उद्देश्य से अमेरिका इस वर्ष के अंत में ‘फ्यूल सिक्योरिटी फोरम’ की मेजबानी करेगा।
समुद्री निगरानी और अंडरसी केबल पर सहयोग

डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बैठक से जुड़ी प्रमुख जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि इंडो-पैसिफिक समुद्री निगरानी पहल और समुद्री क्षेत्र में साझा परिचालन तस्वीर विकसित करने पर सहमति बनी है।
इसके अलावा बंदरगाह बुनियादी ढांचे पर एक विशेषज्ञ पैनल गठित करने, फिजी में पायलट पोर्ट परियोजना शुरू करने और समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली केबलों (अंडरसी केबल) पर सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया गया।
आतंकवाद और चीन की गतिविधियों पर भी चर्चा
बैठक में क्वाड देशों ने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आतंकी हमलों का सामना करने वाले देशों को अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है।
साथ ही समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया। इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामक गतिविधियों के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी से भी हुई मुलाकात
क्वाड बैठक के अलावा भारत आए तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। वहीं विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं, जिनमें सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)



