
संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सभी राजनीतिक दलों की सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक का उद्देश्य संसद के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करना, विभिन्न विधेयकों पर सहयोग हासिल करना और विपक्ष के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार की रणनीति ‘मिशन-360’ पर केंद्रित है। इसके तहत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में अपने विधायी एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाना चाहता है। इसी क्रम में राज्यसभा में संख्या बल को लेकर भी सरकार की रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि राज्यसभा में कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए सरकार को अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता पड़ सकती है। इसी संदर्भ में ‘6 सीटों’ को लेकर भी राजनीतिक समीकरणों पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सर्वदलीय बैठक में सरकार विपक्षी दलों से सहयोग की अपील करेगी। विपक्ष भी महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, विदेश नीति, चुनावी मुद्दों और अन्य राष्ट्रीय विषयों को सत्र में उठाने की तैयारी में है।
मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत प्रस्तावों को संसद में पेश कर सकती है। ऐसे में यह बैठक सरकार और विपक्ष के बीच संवाद स्थापित करने का अहम मंच मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। ऐसे में सर्वदलीय बैठक से यह संकेत मिलेगा कि संसद का मानसून सत्र कितना सुचारु रूप से चल पाएगा और किन प्रमुख मुद्दों पर सहमति बन सकती है।



