
UP/Electricity Crisis News: लोड में 20′ की बढ़ोतरी, इंडक्शन चूल्हों के बढ़ते उपयोग को भी माना गया कारण विभाग ने नए ट्रांसफार्मर लगाने का शुरू किया काम
प्रयागराज। अप्रैल का महीना अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है, लेकिन गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आमजन का जीना मुश्किल हो गया है।
इस चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था भी बेपटरी नजर आ रही है। शहर और ग्रामीण इलाकों में आए दिन घंटों बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस बार अप्रैल महीने में ही बिजली की मांग में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अचानक बढ़े इस लोड के कारण सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है, जिससे ट्रांसफार्मर फुंकने और जंपर उड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। नतीजतन कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने इस समस्या के पीछे एक और अहम कारण बताया है। उनका कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति नहीं होने के कारण लोगों ने बड़ी संख्या में इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इससे बिजली की खपत में अचानक इजाफा हुआ है और लोड तेजी से बढ़ा है। रामबाग डिवीजन के एक्सईएन उमाकांत ने बताया कि विभाग लगातार स्थिति को सुधारने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर पर ज्यादा लोड है, वहां उसकी क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाया जा सके। इसी के साथ उन्होंने बताया कि विभाग ने उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए ‘बिजनेस प्लान 2026-2027Ó का प्रस्ताव तैयार किया है। इस योजना के तहत बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जाएगा। प्रस्ताव के पारित होते ही तेजी से कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में उपभोक्ताओं की समस्या निस्तारण हेतु ट्रांसफार्मरों का लोड बढ़ाने के साथ में नए ट्रांसफार्मरों को लगाने का कार्य किया जा रहा है।
हालांकि, जब तक यह योजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तब तक आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। फिलहाल लोग गर्मी और बिजली संकट की दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। बुधवार को हुई बारिश से मौसम थोड़ा नर्म जरूर हुआ है, मगर मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे बिजली की मांग में और इजाफा होगा। ऐसे में यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।



