
Lucknow News-बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में एक बार फिर संगठनात्मक बदलाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक रहे आकाश आनंद समेत कुछ पुराने नेताओं की वापसी को लेकर शुक्रवार को लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में नेताओं के बीच चर्चा हुई। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी स्तर पर कई महत्वपूर्ण फैसलों की तैयारी की बात सामने आ रही है।
पार्टी प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को नेताओं की वापसी को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि निष्कासन के बाद किसी दूसरे राजनीतिक दल में जाने वाले नेताओं को वापस लेने का सवाल नहीं है। हालांकि, ऐसे नेता जो कार्रवाई के बावजूद बसपा और बहुजन समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखते हैं, उनके मामले में सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है।
आकाश आनंद को लेकर पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच उनके समर्थक भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। समर्थकों की ओर से उनकी दोबारा पार्टी में वापसी की मांग उठाई जा रही है। दूसरी ओर, आकाश आनंद ने इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। पिछले कुछ दिनों से उन्होंने मायावती की सोशल मीडिया पोस्ट को भी साझा नहीं किया है।
आकाश आनंद और अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ हुई कार्रवाई का आगामी चुनावों पर संभावित प्रभाव भी पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से आकाश आनंद को लेकर दिए जा रहे प्रस्तावों पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
मेरठ में बसपा को झटका
बसपा में शीर्ष स्तर पर चल रही गतिविधियों का असर अब संगठन के स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र से बसपा के पूर्व प्रत्याशी रहे देववृत्त त्यागी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी अध्यक्ष मायावती को भेजा है।
देववृत्त त्यागी ने संगठन की मौजूदा कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच लगातार पदाधिकारियों में बदलाव से कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बन रही है। उनके मुताबिक इस समय संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल में पार्टी को स्पष्ट रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। लगातार होने वाले फेरबदल से जमीनी कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उनका दावा है कि मेरठ में कई पुराने बसपा कार्यकर्ता पार्टी की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं।
देववृत्त त्यागी ने यह भी कहा कि जिला अध्यक्ष से लेकर मंडल प्रभारी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी और प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों में बार-बार बदलाव का असर संगठन पर पड़ रहा है। उन्होंने आकाश आनंद को चुनावी तैयारियों के बीच पार्टी से अलग किए जाने को भी कार्यकर्ताओं के लिए नकारात्मक संदेश बताया।
त्यागी के मुताबिक मेरठ में कुछ अन्य पुराने बसपा नेता भी मौजूदा परिस्थितियों से नाराज हैं और आने वाले दिनों में उनके इस्तीफे सामने आ सकते हैं। हालांकि, इन संभावित इस्तीफों को लेकर पार्टी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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