
Lucknow News:अति-पिछड़े वर्गों के अधिकारों और उनकी सामाजिक भागीदारी को लेकर राष्ट्र उदय पार्टी ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि अति-पिछड़े समाज को शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के क्षेत्र में अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिल रही है। पार्टी ने सरकार से जातिगत जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम रखने और रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की है।
राष्ट्र उदय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूराम पाल ने कहा कि जातिगत जनगणना में ओबीसी का अलग कॉलम नहीं होने और रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं किए जाने से अति-पिछड़े वर्गों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए सरकार को अति-पिछड़ों की वास्तविक स्थिति का आंकलन कर उन्हें उनके अधिकार और हिस्सेदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
शिक्षा और रोजगार की गारंटी की मांग
ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के दिनकर कपूर ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए शिक्षा और रोजगार की गारंटी की मांग की। उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने शिक्षा, रोजगार और भविष्य की सुरक्षा से जुड़े कई सवाल हैं, जिन पर गंभीर चर्चा की जरूरत है।
दिनकर कपूर ने बताया कि इन मुद्दों को लेकर 20 सितंबर को वाराणसी के शास्त्री घाट पर ‘नई पीढ़ी संवाद’ आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में युवाओं की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।
2 अक्टूबर को कानपुर में स्थापना दिवस कार्यक्रम
राष्ट्र उदय पार्टी ने संगठन के स्थापना दिवस को लेकर भी कार्यक्रम की घोषणा की है। पार्टी के मुताबिक 2 अक्टूबर को कानपुर में स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे।
पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन अति-पिछड़े वर्गों सहित वंचित तबकों के अधिकारों और उनकी भागीदारी के मुद्दों को आगे भी प्रमुखता से उठाता रहेगा।
Read Also-International News: PM मोदी ने जिनपिंग और पुतिन से मिलाया हाथ, पास खड़े शहबाज शरीफ भी रहे मौजूद



