
Lucknow News:डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में मंगलवार को पल्मोनरी फाइब्रोसिस जागरूकता माह एवं राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर अतिथि व्याख्यान और नेबुलाइजेशन तकनीक पर नर्सिंग प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. सी.एम. सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य श्वसन संबंधी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, उनकी शीघ्र पहचान एवं निदान को प्रोत्साहित करने, उपचार में पोषण के महत्व को रेखांकित करने तथा नर्सिंग कर्मियों के व्यावहारिक कौशल को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. अरविंद सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने किया। इस अवसर पर कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य डॉ. शिवकुमार मुद्गल, मुख्य नर्सिंग अधिकारी सुमन सिंह, श्वसन रोग चिकित्सा विभागाध्यक्ष एवं आयोजन अध्यक्ष प्रो. अजय कुमार वर्मा तथा आयोजन सचिव डॉ. मृत्युंजय सिंह समेत अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
प्रो. अजय कुमार वर्मा ने स्वागत संबोधन में श्वसन संबंधी रोगों, विशेषकर इंटरस्टिशियल लंग डिजीज और पल्मोनरी फाइब्रोसिस के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन रोगों की समय पर पहचान और सही समय पर उपचार शुरू होना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने रोगियों की उपचार प्रक्रिया में पोषण की भूमिका और नियमित चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समेत अन्य विशेषज्ञों ने सतत चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग कर्मियों के नियमित प्रशिक्षण, रोगी सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता बताई। वैज्ञानिक सत्रों में चिकित्सकीय जानकारी को व्यावहारिक रोगी देखभाल से जोड़ने, मरीजों को बीमारी और उपचार के प्रति जागरूक करने तथा उपचार के प्रति अनुपालन सुनिश्चित करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
नेबुलाइजेशन तकनीक पर आयोजित नर्सिंग प्रशिक्षण कार्यशाला में नर्सिंग कर्मियों को उपचार प्रक्रिया से संबंधित व्यावहारिक जानकारी और कौशल का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में नर्सिंग कर्मियों, विद्यार्थियों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
आयोजन समिति में श्वसन रोग चिकित्सा विभाग के प्रो. अजय कुमार वर्मा, डॉ. मृत्युंजय सिंह, डॉ. हेमंत कुमार, डॉ. सुलक्षणा गौतम और डॉ. पुलकित गुप्ता शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय डॉ. अमन सक्सेना ने किया, जबकि अंत में डॉ. पुलकित गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम के माध्यम से संस्थान ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, सतत नर्सिंग शिक्षा तथा नियमित प्रशिक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के जरिए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।



