
Kolkata News: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। शहर के तारातला इलाके में एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके नीचे कई मजदूरों के दब जाने की आशंका है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर बड़ी संख्या में बचाव दलों को तैनात किया गया।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा दोपहर के समय ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित ब्रेस ब्रिज के पास हुआ। उस समय गोदाम में कई मजदूर काम कर रहे थे। अचानक छत गिरने से पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया और वहां मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।
घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग, सिविल डिफेंस और डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप की टीमें मौके पर पहुंच गईं। विभिन्न एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान शुरू किया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कई मजदूर मलबे में फंस गए थे, हालांकि फंसे हुए लोगों की सटीक संख्या को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बचाव अभियान के दौरान अब तक सात मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं, अन्य लोगों की तलाश लगातार जारी है। राहतकर्मी मलबे के बीच बेहद सावधानी से खोज अभियान चला रहे हैं, क्योंकि ढांचे के अन्य हिस्सों के भी गिरने का खतरा बना हुआ है।
मौके पर भारी मशीनरी, क्रेन और अन्य उपकरणों की मदद से कंक्रीट और लोहे के बड़े हिस्सों को हटाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। इसी वजह से बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छत गिरते ही जोरदार आवाज सुनाई दी और आसपास के लोग घबराकर मौके की ओर दौड़ पड़े। कई मजदूरों ने किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने की कोशिश की, जबकि कुछ लोग मलबे में फंस गए। घटना के बाद लापता मजदूरों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए और अपने प्रियजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
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हादसे के बाद राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी घटनास्थल पर पहुंचे। पश्चिम बंगाल के मंत्री डॉ. इंद्रनील खान ने मौके का दौरा कर बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल राहत और बचाव अभियान पर है ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य की वैधता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस बात की जांच की जाएगी कि निर्माण कार्य निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया गया था या नहीं।
इस हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे इलाके में बचाव कार्य जारी है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ेगा, फंसे हुए लोगों और हादसे के कारणों को लेकर अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।



