
Kanwar Yatra 2026 : सावन मास के साथ शुरू होने वाली Kanwar Yatra 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रदेशभर में पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर है। प्रमुख कांवड़ मार्गों, शिव मंदिरों और गंगा घाटों पर सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक कांवड़ श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा पूरी तरह निर्विघ्न और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
सुरक्षा के लिए हाईटेक इंतजाम
कांवड़ यात्रा के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। गंगा घाटों पर गोताखोरों, जल पुलिस और आपातकालीन चिकित्सा टीमों को भी तैनात किया गया है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर
प्रदेशभर में कांवड़ मार्गों की मरम्मत, पेयजल, मोबाइल शौचालय, चिकित्सा शिविर, प्रकाश व्यवस्था और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई है। आवश्यक दवाओं, एंटी-रेबीज और एंटी-वेनम इंजेक्शन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए डायवर्जन, पार्किंग और आपातकालीन कॉरिडोर तैयार किए गए हैं।
जिलों में तैयारियों का निरीक्षण
बुलंदशहर : मेरठ मंडल के अधिकारियों ने अनूपशहर गंगा घाट और कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा, सफाई, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। जिले में 17 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं।
महराजगंज : नेपाल सीमा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख शिव मंदिरों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सीसीटीवी, ड्रोन निगरानी, बैरिकेडिंग और महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
फर्रुखाबाद : जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने पांचाल घाट एवं दुर्वासा ऋषि आश्रम क्षेत्र का निरीक्षण कर स्वच्छता, पार्किंग, चिकित्सा सहायता, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
रायबरेली : डलमऊ क्षेत्र में संभावित भीड़ और भगदड़ जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस ने मॉक ड्रिल आयोजित की। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और त्वरित राहत व्यवस्था की समीक्षा की।
प्रशासन और राज्यों के बीच समन्वय
उत्तर प्रदेश सरकार ने हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान के प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया है ताकि अंतरराज्यीय कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावी बनी रहे। कांवड़ संघों के साथ भी लगातार संवाद किया जा रहा है।
सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महापर्व है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, चिकित्सा और यातायात प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।



