
Iran UAE Relations : ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच रिश्तों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि उनका देश UAE के साथ नई शुरुआत करना चाहता है और अतीत को पीछे छोड़कर भविष्य पर ध्यान देने के लिए तैयार है। उनका यह बयान नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान के साथ हुई अचानक मुलाकात के एक दिन बाद आया है।
पेज़ेशकियन ने ईरानी पत्रकारों से बातचीत में कहा कि क्राउन प्रिंस के साथ उनकी अच्छी बातचीत हुई और दोनों पक्ष अतीत को पीछे छोड़कर भविष्य की ओर देखने पर सहमत हुए। हालांकि, इस मुलाकात के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अहम बैठक से पहले मुलाकात
ईरान और UAE के बीच यह कूटनीतिक संपर्क ऐसे समय हुआ है, जब दोनों देशों ने ब्रिक्स समिट के दौरान पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर अपने मतभेदों को किनारे रखते हुए संयुक्त घोषणा-पत्र तैयार करने में सहयोग किया। यह घटनाक्रम 14 सितंबर को ओमान में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले सामने आया है।
ओमान में ईरान, खाड़ी देशों और इराक के अधिकारी होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक का उद्देश्य क्षेत्रीय देशों के बीच बेहतर समझ विकसित करना और साझा क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।
बहरीन बैठक से बाहर
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य बहरीन ने इस बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। बहरीन उन देशों में शामिल है, जिन्हें ईरानी हमलों का सबसे अधिक सामना करना पड़ा है। ऐसे में उसकी गैर-मौजूदगी को क्षेत्रीय तनाव और आपसी अविश्वास से जोड़कर देखा जा रहा है।
ब्रिक्स समिट में ईरान का पश्चिमी देशों पर निशाना
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने ईरान की परमाणु सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा किए जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों ने संयम बरतने और पश्चिम एशियाई देशों की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने पर जोर दिया।
पेज़ेशकियन के मुताबिक, संयुक्त घोषणा-पत्र में एकतरफा कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन और हमलों के खिलाफ चिंता व्यक्त की गई। उन्होंने एकतरफा प्रतिबंधों और दबाव बनाने वाले आर्थिक उपायों का भी विरोध किया।
राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने पर जोर
ईरानी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स देशों से राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक वित्तीय और व्यापारिक व्यवस्थाओं पर अत्यधिक निर्भरता ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं को राजनीतिक झटकों के प्रति संवेदनशील बना दिया है।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को अधिक संतुलित, समावेशी और न्यायपूर्ण वैश्विक आर्थिक व्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। पेज़ेशकियन ने आर्थिक साधनों के जरिए राजनीतिक दबाव बढ़ाने की प्रवृत्ति की भी आलोचना की और कहा कि एकतरफा प्रतिबंधों का असर वैश्विक खाद्य सुरक्षा तथा आम लोगों के कल्याण पर पड़ रहा है।



