
India Uzbekistan Strategic Partnership: भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में नई दिल्ली में एक अहम द्विपक्षीय बैठक आयोजित हुई। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियोर सैदोव के साथ मुलाकात कर दोनों देशों के संबंधों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, शिक्षा, संस्कृति और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्री से मुलाकात बेहद सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी ‘विस्तारित पड़ोस’ (Extended Neighbourhood) नीति में उज़्बेकिस्तान को एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और भविष्य में इन संबंधों को नई ऊंचाई देने की पूरी संभावना है।
बैठक में दोनों नेताओं ने ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। इसके अलावा दोनों देशों के बीच संपर्क (कनेक्टिविटी) बढ़ाने और निवेश के नए अवसरों को विकसित करने पर भी चर्चा हुई।

सुरक्षा के मुद्दों पर भी दोनों देशों की सोच समान दिखाई दी। डॉ. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद, कट्टरवाद और नशीली दवाओं की तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और उज़्बेकिस्तान मिलकर काम करेंगे। इस दिशा में खुफिया जानकारी साझा करने और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। वर्तमान में भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच व्यापार करीब 1 अरब अमेरिकी डॉलर का है। दोनों देशों ने इस व्यापारिक आंकड़े को आने वाले वर्षों में और बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
इस बार की वार्ता में रेयर अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Minerals) और खनन क्षेत्र में सहयोग एक नया और महत्वपूर्ण विषय रहा। दोनों देशों ने दुर्लभ खनिजों के अन्वेषण, खनन और निवेश के अवसरों पर मिलकर काम करने की इच्छा जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग भविष्य में दोनों देशों की आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे सकता है।
भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच बढ़ता सहयोग मध्य एशिया में भारत की सक्रिय कूटनीति का भी अहम हिस्सा माना जा रहा है। दोनों देशों की यह बैठक क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



