
IND-PAK News: भारत के विदेश मंत्रालय ने फिरोजपुर सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश के मामले को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मंत्रालय ने नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के चार्ज द अफेयर्स को तलब किया और 2 अक्टूबर को हुई घटना पर भारत की आपत्ति दर्ज कराई।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, तीन लोग पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ ने उन्हें कई बार वापस लौटने की चेतावनी दी। हालांकि, चेतावनी के बावजूद उन्होंने सीमा पर लगी बाड़ की तरफ बढ़ना जारी रखा। इसके बाद बीएसएफ ने सुरक्षा के मद्देनजर कार्रवाई की।
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भारत ने पाकिस्तानी आरोपों को बताया बेबुनियाद
विदेश मंत्रालय ने घटना को लेकर पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। भारत का कहना है कि सीमा पर मौजूद लोगों को बीएसएफ की ओर से कई बार चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद उनकी गतिविधियां जारी रहीं।
भारत ने कहा कि ऐसी स्थिति में बीएसएफ के जवानों के सामने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
घुसपैठ और नशा तस्करी को लेकर भारत की चिंता
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह घटना किसी एक मामले तक सीमित नहीं है। भारत के मुताबिक, पाकिस्तान से संचालित हथियारबंद नशा तस्करों के गिरोह लगातार सीमा पार करने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत ने पाकिस्तान सरकार से इन घटनाओं और नशे की तस्करी के मामलों की जांच करने को कहा है। साथ ही ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की गई है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा का सम्मान करने को कहा
भारत ने पाकिस्तान से अंतरराष्ट्रीय सीमा की पवित्रता का सम्मान करने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूद समझौतों और व्यवस्थाओं का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
भारत ने पाकिस्तान के सुरक्षा बलों से भी बिना अनुमति होने वाली आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण रखने को कहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ऐसे कदमों से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
भारत ने पाकिस्तान के सामने रखी अपनी स्थिति
फिरोजपुर सेक्टर की घटना को लेकर भारत ने पाकिस्तान के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अवैध आवाजाही को रोकना जरूरी है।
फिलहाल भारत की ओर से पाकिस्तान से अपेक्षा की गई है कि वह ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करे और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी जिम्मेदारियों का पालन सुनिश्चित करे।



