
Election Commission: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के नेताओं ने सोमवार को दिल्ली में विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव समेत विपक्षी सांसद बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े। विपक्षी नेताओं ने अदालत में याचिका दाखिल करने की बात कही है।
यह मार्च चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की आपत्तियों के बीच निकाला गया। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से शुरू हुई मार्च की तैयारी
मार्च से पहले विपक्षी सांसद नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में जुटे। इसके बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में नेता सुप्रीम कोर्ट की ओर रवाना हुए। प्रदर्शन के दौरान CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
मार्च से पहले राहुल गांधी ने करीब 40 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने विपक्ष के मार्च की तुलना शिवजी की बारात से करते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। CEC से बातचीत के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि उनके संदेश आते हैं और वह उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी देख रहे हैं।
मार्च में कई विपक्षी दलों के नेता शामिल
विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ INDIA ब्लॉक के अन्य घटक दलों के सांसद भी शामिल हुए। इनमें धर्मेंद्र यादव, संजय राउत, अरविंद सावंत, महुआ माझी और महुआ मोइत्रा समेत कई नेताओं के नाम शामिल हैं।
कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
सचिन पायलट ने CEC के इस्तीफे की मांग की
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि विपक्ष चाहता है कि सुप्रीम कोर्ट उसकी शिकायतों पर सुनवाई करे। उन्होंने CEC के खिलाफ लगाए गए आरोपों को गंभीर बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई।
पायलट ने कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने इस संबंध में सबूत पेश किए हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं; उनकी पुष्टि और कानूनी स्थिति संबंधित जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। पायलट के मुताबिक, विपक्ष शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से अपनी बात रखना चाहता है।
आनंद भदौरिया बोले- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला जा रहा है। उन्होंने CEC के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं।
विपक्षी नेताओं के बयानों से संकेत मिला कि INDIA ब्लॉक इस मुद्दे को राजनीतिक विरोध के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से भी आगे बढ़ाना चाहता है।
CJI सूर्यकांत को भी लिखा गया था पत्र
विपक्षी सांसदों ने इससे पहले रविवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था। वे चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपना चाहते थे।
सोमवार को निकाले गए मार्च के दौरान विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी की बात कही। हालांकि, याचिका के आधार और उस पर अदालत की आगे की कार्रवाई के बारे में अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
SIR और मतदाता सूची को लेकर विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों से भी जुड़ा है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि INDIA ब्लॉक की ओर से सुप्रीम कोर्ट में क्या याचिका दाखिल की जाती है और अदालत इस मामले में सुनवाई को लेकर क्या रुख अपनाती है।
written by Siddhi Srivastava



