नाश्ते को बनाएं ज्यादा पौष्टिक
दिन की शुरुआत पौष्टिक भोजन से करने पर पूरे दिन की खानपान आदतों पर सकारात्मक असर पड़ता है। पैकेज्ड सीरियल या मीठे स्नैक्स की जगह ओट्स, पोहा, उपमा या अंकुरित अनाज को नाश्ते में शामिल किया जा सकता है। इनमें पोषक तत्व भी अधिक होते हैं और पेट भी लंबे समय तक भरा रहता है।
बार-बार स्नैकिंग की आदत पर रखें नजर
कई बार लोग भूख से ज्यादा आदत की वजह से खाते हैं। खासकर चाय या कॉफी के साथ कुछ न कुछ खाने की इच्छा सामान्य हो गई है। ऐसे समय में चिप्स या नमकीन की जगह भुना चना, मखाना, फल या सीमित मात्रा में ड्राई फ्रूट्स बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
मीठे उत्पाद खरीदते समय पढ़ें लेबल
बाजार में मिलने वाले कई फ्लेवर्ड योगर्ट और डेयरी उत्पाद स्वादिष्ट जरूर लगते हैं, लेकिन उनमें अतिरिक्त चीनी की मात्रा अधिक हो सकती है। ऐसे में सादा दही लेकर उसमें ताजे फल या नट्स मिलाना ज्यादा संतुलित विकल्प माना जाता है।
जूस नहीं, साबुत फल खाएं
फल शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं। विशेषज्ञ अक्सर साबुत फल खाने की सलाह देते हैं क्योंकि उनमें फाइबर की मात्रा बनी रहती है। सेब, संतरा, अमरूद और पपीता जैसे फल सीधे खाने से ज्यादा लाभ मिल सकता है।
खाने के साथ परोसी जाने वाली चीजों पर भी दें ध्यान
कई बार घर का खाना पौष्टिक होता है, लेकिन उसके साथ इस्तेमाल होने वाले केचप, डिप्स और प्रोसेस्ड सॉस अतिरिक्त चीनी और नमक बढ़ा सकते हैं। इनके बजाय हरी चटनी, दही, नींबू या घर के बने मसालों का उपयोग स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।
छोटे बदलाव, बड़ा फायदा
स्वस्थ खानपान का मतलब यह नहीं कि आप अपनी पसंद की हर चीज छोड़ दें। धीरे-धीरे बेहतर विकल्प चुनने और संतुलित डाइट अपनाने से स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। नियमित रूप से ताजा और घर का बना भोजन खाने की आदत लंबे समय में अधिक लाभदायक साबित हो सकती है।