
Friendship Day History: दोस्ती का रिश्ता दुनिया के सबसे अनमोल रिश्तों में से एक माना जाता है। परिवार से बाहर अगर कोई बिना किसी स्वार्थ के हर सुख-दुख में साथ खड़ा रहता है तो वह दोस्त ही होता है। इसी रिश्ते को सम्मान देने के लिए हर साल फ्रेंडशिप डे (Friendship Day) मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने दोस्तों को शुभकामनाएं देते हैं, फ्रेंडशिप बैंड बांधते हैं, गिफ्ट देते हैं और पुराने यादगार पलों को फिर से जीते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दोस्ती के नाम पर एक पूरा दिन मनाने की शुरुआत आखिर कहां से हुई थी? इसकी कहानी करीब 100 साल पुरानी है।
फ्रेंडशिप डे की शुरुआत का विचार सबसे पहले अमेरिका में सामने आया। वर्ष 1930 के आसपास प्रसिद्ध ग्रीटिंग कार्ड कंपनी हॉलमार्क के संस्थापक जॉयस हॉल ने सुझाव दिया कि दोस्तों के सम्मान में भी एक विशेष दिन होना चाहिए। उनका उद्देश्य था कि लोग इस दिन अपने दोस्तों को ग्रीटिंग कार्ड भेजकर उनके प्रति अपना प्यार और सम्मान व्यक्त करें। हालांकि उस समय कई लोगों ने इसे कार्ड बेचने की व्यावसायिक रणनीति माना, इसलिए यह विचार तुरंत लोकप्रिय नहीं हो सका।
इसके बाद पैराग्वे ने इस विचार को नई दिशा दी। वर्ष 1958 में वहां डॉ. रामोन आर्टेमियो ब्राचो और उनके साथियों ने “विश्व मैत्री अभियान” (World Friendship Crusade) की शुरुआत की। उनका मानना था कि दोस्ती केवल दो व्यक्तियों के बीच का रिश्ता नहीं, बल्कि देशों और समाजों के बीच शांति और भाईचारे का माध्यम भी हो सकती है। यहीं से फ्रेंडशिप डे को एक वैश्विक पहचान मिलने लगी।

समय के साथ यह परंपरा दुनिया के कई देशों तक पहुंच गई। दोस्ती को बढ़ावा देने और समाज में प्रेम, भाईचारे तथा आपसी विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र (UN) ने वर्ष 2011 में 30 जुलाई को International Friendship Day के रूप में मान्यता दी। संयुक्त राष्ट्र का उद्देश्य था कि दोस्ती के जरिए अलग-अलग देशों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच संवाद और शांति को बढ़ावा मिले।
हालांकि दुनिया के सभी देश 30 जुलाई को फ्रेंडशिप डे नहीं मनाते। अलग-अलग देशों में इसकी तारीख अलग है। भारत, अमेरिका, बांग्लादेश, मलेशिया और कई अन्य देशों में फ्रेंडशिप डे अगस्त के पहले रविवार को मनाने की परंपरा है। चूंकि रविवार को अधिकतर लोगों की छुट्टी होती है, इसलिए दोस्त एक-दूसरे से मिलकर इस दिन को खास तरीके से मना पाते हैं।

भारत में फ्रेंडशिप डे को लोकप्रिय बनाने में 90 के दशक का बड़ा योगदान रहा। उस दौर में स्कूलों और कॉलेजों में फ्रेंडशिप बैंड बांधने का चलन तेजी से बढ़ा। ग्रीटिंग कार्ड, छोटे-छोटे गिफ्ट और दोस्ती के संदेश इस दिन की पहचान बन गए। समय के साथ सोशल मीडिया ने इस उत्सव को और भी बड़ा बना दिया। आज लोग इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपने दोस्तों को तस्वीरें, वीडियो, रील और खास संदेश भेजकर फ्रेंडशिप डे सेलिब्रेट करते हैं।
फ्रेंडशिप डे सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि उन रिश्तों का सम्मान करने का अवसर है जो बिना किसी स्वार्थ के जीवनभर साथ निभाते हैं। कई बार एक छोटा-सा संदेश, एक फोन कॉल या साथ बिताया गया थोड़ा-सा समय भी दोस्ती को पहले से अधिक मजबूत बना देता है। यही कारण है कि बदलते दौर और नई तकनीकों के बावजूद फ्रेंडशिप डे की अहमियत आज भी उतनी ही बनी हुई है।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि सच्चे दोस्त जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। इसलिए चाहे आप अपने दोस्त से रोज मिलते हों या वर्षों बाद बात करते हों, फ्रेंडशिप डे उन्हें यह बताने का सबसे अच्छा मौका है कि वे आपकी जिंदगी में कितने खास हैं।



