
Lucknow News : एक भारत आंदोलन (EBM) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को लखनऊ के प्रधान डाकघर चौक से भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में समान अवसर, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, आरक्षण व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा, सामाजिक समरसता और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने की मांग की गई।
आंदोलन के प्रमुख सदस्य अभिषेक त्रिपाठी ने कहा कि यह अभियान किसी जाति, धर्म, वर्ग या समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप समानता, न्याय और बंधुत्व को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और जन-जागरण आधारित पहल बताया।
आंदोलन के वरिष्ठ सदस्य अभिषेक मिश्रा ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समानता का अधिकार देता है। वहीं अनुच्छेद 19(1)(a) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 19(1)(b) शांतिपूर्ण एवं बिना हथियार के एकत्र होने का अधिकार सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि इन्हीं संवैधानिक प्रावधानों के तहत एक भारत आंदोलन देशभर में जन-जागरण अभियान चला रहा है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें सरकार के समक्ष रख रहा है।
ज्ञापन में संबंधित प्राधिकारियों से मांगों पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने और इस संबंध में लिखित उत्तर उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया है, ताकि नागरिकों को सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी मिल सके। इस अवसर पर आंदोलन के प्रमुख सदस्य गौरव शुक्ला, अभिनय तिवारी और सागर श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
बता दें कि एक भारत आंदोलन (EBM) ने कहा कि उसका उद्देश्य “एक भारत, समान अधिकार” की भावना को मजबूत करना तथा संविधान के मूल आदर्शों के अनुरूप न्यायपूर्ण, समरस और अवसर-समान भारत के निर्माण में सकारात्मक योगदान देना है।



