Delhi Air Pollution: दिवाली से पहले दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, AQI 482 के पार! कई इलाकों में प्रदूषण ‘गंभीर’ श्रेणी में

दिवाली से पहले राजधानी के कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचा। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए GRAP-II लागू, गाजीपुर बॉर्डर पर वाहनों की जांच।

Delhi Air Pollution: दिवाली से पहले ही दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है और कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया। कुछ इलाकों में तो प्रदूषण का स्तर 450 से भी ऊपर पहुंच गया है। ऐसे में त्योहार से पहले ही राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है।

प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भी सख्ती बढ़ा दी है। राजधानी में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-II को लागू किया गया है। इसके तहत प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

पंजाबी बाग में सबसे ज्यादा प्रदूषण, AQI 446 दर्ज

CPCB के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में वायु प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक दर्ज किया गया। यहां AQI 446 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। इसके बाद नरेला में 434 का AQI रिकॉर्ड किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुकी है।

दिल्ली के रोहिणी इलाके में AQI 431 दर्ज किया गया, जबकि आरके पुरम में यह आंकड़ा 416 रहा। इसी तरह बवाना में 412, दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में 408 और पटपड़गंज में 405 का AQI रिकॉर्ड किया गया। एम्स के आसपास के क्षेत्र में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 402 तक पहुंच गया।

CPCB के अनुसार, इन सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। खास बात यह है कि दिल्ली के सात से अधिक मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया, जो राजधानी की बिगड़ती हवा की स्थिति को दर्शाता है।

इंडिया गेट से ITO तक प्रदूषण का बुरा हाल

दिल्ली के दूसरे इलाकों में भी प्रदूषण से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। ओखला फेज-2 और इंडिया गेट पर AQI 399 दर्ज किया गया। वहीं, ITO में यह आंकड़ा 397 और द्वारका सेक्टर-8 में 396 रहा।

इसके अलावा चांदनी चौक में AQI 356 और वसुंधरा एन्क्लेव में 330 दर्ज किया गया। आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक 293 रहा, जबकि IMD के लोधी रोड स्टेशन पर AQI 268 रिकॉर्ड किया गया। इन इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है।

प्रदूषण का यह बढ़ता स्तर ऐसे समय में सामने आया है, जब दिल्ली-NCR में दिवाली की तैयारियां चल रही हैं। त्योहार के दौरान पटाखों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों के कारण स्थिति और बिगड़ने की आशंका रहती है।

प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए GRAP-II लागू

दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए प्रशासन ने GRAP-II लागू कर दिया है। इसका उद्देश्य प्रदूषण के बढ़ते स्तर को नियंत्रित करना और लोगों को खराब हवा के प्रभाव से बचाना है।

GRAP-II के तहत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने गुरुवार सुबह गाजीपुर बॉर्डर पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान वाहनों की जांच की गई और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने की कोशिश की गई।

GRAP के दूसरे चरण में सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे उपाय भी शामिल हैं। इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर निगरानी बढ़ाई जाती है।

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स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है गंभीर AQI?

वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 401 से 500 के बीच होने पर हवा को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। इस स्तर का प्रदूषण स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित कर सकता है। वहीं, पहले से सांस संबंधी बीमारियों, अस्थमा और हृदय रोग से परेशान लोगों के लिए यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो सकती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषण के ऐसे हालात में लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

दिल्ली-NCR में दिवाली से पहले ही प्रदूषण का स्तर चिंता बढ़ा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन की ओर से उठाए जा रहे कदमों से हवा की गुणवत्ता में कितना सुधार होता है और त्योहार के दौरान प्रदूषण को किस हद तक नियंत्रित किया जा पाता है।

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