New Delhi News-समावेशी विकास का बड़ा उदाहरण, भारतीय डिजिटल मॉडलः जयशंकर

New Delhi News - Indian digital model is a prime example of inclusive development: Jaishankar

New Delhi News-विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों (सीएचओजीएम 2026) के कार्यकारी सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए वैश्विक मंच पर देश की डिजिटल ताकत का लोहा मनवाया। बैठक के दौरान उन्होंने सुशासन और वित्तीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देने में ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ (डीपीआई) की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत का डिजिटल मॉडल आज दुनिया के अन्य देशों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण और सबक है, जिसने आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है।

विदेश मंत्री ने भारत में लागू किए गए डिजिटल सुधारों का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि कैसे तकनीक की मदद से अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाया जा रहा है। इससे न केवल बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है, बल्कि सार्वजनिक धन की बर्बादी पर भी प्रभावी लगाम लगी है।

डॉ. जयशंकर ने ‘एक्स’ पर लिखा सुशासन और वित्तीय जिम्मेदारी के लिए ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ के महत्व पर जोर दिया। इसने अवसरों का विस्तार करके हमारी अर्थव्यवस्थाओं को अधिक समावेशी बनाने में मदद की है। भारत का उदाहरण इस दिशा में एक अच्छा सबक है। साथ ही, भारत के हालिया मुक्त व्यापार समझौतों और इस संबंध में चल रही अन्य वार्ताओं के बारे में भी बात की। इस तरह के समझौते व्यापार को अधिक सुगम और भरोसेमंद बनाने के साथ-साथ सप्लाई चेन को भी मजबूत करेंगे।

विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत का अनुभव यह साबित करता है कि अगर सही बुनियादी ढांचे और राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, तो यह लोक कल्याण का सबसे बड़ा साधन बन सकती है। उन्होंने कॉमनवेल्थ के सदस्य देशों से अपील की कि वे सुशासन और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल तकनीकों को तेजी से अपनाएं। भारत इस दिशा में अपनी विशेषज्ञता और सफल मॉडलों को अन्य विकासशील देशों के साथ साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

भारत के इस दृष्टिकोण की व्यापक सराहना की गई। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का भी मानना है कि भारत का यूपीआई, आधार और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का नेटवर्क वैश्विक स्तर पर समावेशी विकास की एक नई रूपरेखा तैयार कर रहा है। विदेश मंत्री का यह संबोधन दर्शाता है कि भारत न केवल अपनी सीमाओं के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी जिम्मेदार शासन और आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है।

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रिपोर्ट-शाश्वत तिवारी

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