Cockroach Janata Party : ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर नया विवाद, हरियाणा के वकील ने ECI में रजिस्ट्रेशन की मांग की

Cockroach Janata Party : हरियाणा के वकील सुधीर जाखड़ ने चुनाव आयोग में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के रजिस्ट्रेशन की मांग की है। US में रहने वाले संस्थापक अभिजीत दिपके से अलग दायर की गई इस अर्जी ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

Cockroach Janata Party : ऑनलाइन व्यंग्य समूह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) अब राजनीतिक और कानूनी विवाद के केंद्र में आ गया है। हरियाणा के पानीपत के वकील Sudhir Jakhar ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में पार्टी को अपने नाम से रजिस्टर करने की अर्जी दाखिल की है।

जाखड़ ने खुद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बताते हुए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29A के तहत आवेदन किया है। इस आवेदन में पार्टी का ‘कॉकरोच’ चुनाव चिह्न और उनका वकील के रूप में पदनाम भी शामिल किया गया है।

US में रहने वाले संस्थापक से अलग उठाया कदम

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत इसी महीने Abhijeet Dipke ने की थी, जो वर्तमान में अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे हैं।

जाखड़ का दावा है कि उन्होंने दिपके से भारत लौटकर पार्टी का औपचारिक रजिस्ट्रेशन कराने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद आंदोलन और नाम के “गलत इस्तेमाल” को रोकने के लिए उन्होंने खुद चुनाव आयोग में आवेदन दाखिल किया।

CJI की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था ऑनलाइन आंदोलन

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ उस समय चर्चा में आई जब भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की बेरोजगार युवाओं को लेकर की गई टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

CJI ने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा “कॉकरोच” की तरह व्यवहार करते हैं और बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या एक्टिविज्म में सक्रिय हो जाते हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली और CJP तेजी से वायरल हो गया।

सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ी लोकप्रियता

पार्टी के लॉन्च होने के कुछ ही दिनों में इसके सोशल मीडिया अकाउंट्स तेजी से लोकप्रिय हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स कई बड़े राजनीतिक दलों से भी अधिक हो गए थे।

हालांकि, पिछले सप्ताह भारत में इसके ‘X’ (पूर्व ट्विटर) अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया था।

पार्टी के घोषित उद्देश्य क्या हैं?

सुधीर जाखड़ द्वारा चुनाव आयोग को सौंपे गए दस्तावेजों में पार्टी के कई सामाजिक और लोकतांत्रिक उद्देश्य बताए गए हैं। इनमें शामिल हैं:

  • लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा
  • शासन का सामाजिक ऑडिट
  • पर्यावरण संरक्षण
  • पशु कल्याण
  • कानूनी जागरूकता
  • व्हिसलब्लोअर सुरक्षा
  • पारदर्शिता और सांप्रदायिक सद्भाव
  • शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक सुधार

CJP की मूल मांगें भी चर्चा में

पार्टी की शुरुआती ऑनलाइन मांगों में कई बड़े राजनीतिक सुधार शामिल थे। इनमें रिटायर्ड मुख्य न्यायाधीशों को राज्यसभा सीट न देने, संसद और कैबिनेट में महिलाओं को 50% आरक्षण देने तथा दलबदल करने वाले नेताओं पर 20 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक जैसी मांगें शामिल थीं।

‘कॉकरोच’ चुनाव चिह्न मिलने की संभावना कम

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार कीड़े-मकोड़ों से जुड़े चुनाव चिह्नों को आमतौर पर मंजूरी नहीं दी जाती। वर्तमान नियमों में केवल ‘शेर’ और ‘हाथी’ जैसे कुछ अपवाद मौजूद हैं।

ऐसे में ‘कॉकरोच’ चुनाव चिह्न को मंजूरी मिलने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

मंजूरी मिलने पर क्या होगा?

यदि चुनाव आयोग आवेदन स्वीकार कर लेता है, तो CJP को “पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी” का दर्जा मिल सकता है। भारत में कई क्षेत्रीय दल शुरुआत में इसी श्रेणी में रहे हैं, जिनमें Aam Aadmi Party भी शामिल रही है।

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