
CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अब मुंबई से आगे दिल्ली तक पहुंचने की तैयारी में है। इसी बीच पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है। कोलकाता एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने CJP के साथ युवाओं और छात्रों के आंदोलन का भी समर्थन करने की बात कही।
ममता बोलीं- युवा और छात्रों के साथ खड़े हैं
दिल्ली से लौटने के बाद ममता बनर्जी से CJP के दिल्ली और मुंबई में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर सवाल किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कहा कि वह CJP, युवा पीढ़ी और छात्रों के साथ हैं तथा कथित ज्यादतियों को रोकने की अपील करती हैं। अगस्त में भी उन्होंने दिल्ली में CJP के एक प्रदर्शन को समर्थन दिया था।
मुंबई के बाद अब दिल्ली पर नजर
CJP ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन किया था। संगठन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई गई। इसके बाद संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि यदि ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा।
दीपके ने सोशल मीडिया पर प्रस्तावित आंदोलन को शांतिपूर्ण बताते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग करने वाले लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। उन्होंने इसे ‘जंतर-मंतर 2.0’ बताते हुए ‘चलो दिल्ली’ का आह्वान भी किया।
CJP किन मुद्दों को लेकर कर रही है प्रदर्शन?
CJP का आंदोलन मुख्य रूप से चुनावी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर है। संगठन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ उनके खिलाफ कार्रवाई, SIR प्रक्रिया पर रोक और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव/निरस्तीकरण जैसी मांगें उठा रहा है।
CJP ने मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और नए नाम जोड़े जाने के आरोप भी लगाए हैं। संगठन ने महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में मतदाता सूची को लेकर दावे किए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
किन राजनीतिक दलों का समर्थन सामने आया?
ममता बनर्जी के अलावा दिल्ली और मुंबई में हुए प्रदर्शनों के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) और शिवसेना (यूबीटी) से जुड़े नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की भागीदारी या समर्थन की रिपोर्टिंग हुई है। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं और छात्र संगठनों के सदस्यों की हिरासत की भी रिपोर्ट सामने आई।
मुंबई के प्रदर्शन में भी विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की मौजूदगी दर्ज की गई। हालांकि, अलग-अलग दलों और नेताओं की भागीदारी का स्वरूप एक जैसा नहीं रहा है और इसे उनके संबंधित बयानों एवं गतिविधियों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
10 अक्टूबर को क्या होगा?
CJP के ऐलान के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा नहीं देने की स्थिति में 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा। दीपके ने इसे देशभर से समर्थकों के जुटने वाला आंदोलन बताया है।
फिलहाल CJP के आरोपों और मांगों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। वहीं, निर्वाचन प्रक्रिया और SIR से जुड़े उसके आरोप संगठन के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
written by Siddhi Srivastava



