
International News: कनाडा इन दिनों भीषण जंगल की आग से जूझ रहा है। देशभर में 100 से अधिक स्थानों पर सक्रिय वनाग्नि ने बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। आग से उठ रहा घना धुआं अब सीमा पार कर अमेरिका के कई राज्यों तक पहुंच चुका है, जिससे वहां की हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर तक खराब हो गई है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान तेज कर दिया है।
हजारों लोगों को कराया गया सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट
सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में अमेरिका की सीमा से सटा मिनेसोटा का बॉर्डरी वाटर्स कैनो एरिया वाइल्डरनेस शामिल है। यहां जंगल की आग तेजी से फैलने के बाद हजारों कैंपर्स और पर्यटकों को तत्काल क्षेत्र खाली करने के निर्देश दिए गए।
रेंजर अधिकारियों के अनुसार, इलाके में मौजूद अधिकांश लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन पूरा क्षेत्र एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है।
अमेरिका के कई राज्यों तक पहुंचा धुआं
तेज हवाओं के कारण कनाडा में लगी आग का धुआं अमेरिका के मिनेसोटा, मिशिगन, विस्कॉन्सिन, न्यूयॉर्क और मेन सहित कई राज्यों तक फैल गया है। कई शहरों में आसमान धुंधला और नारंगी दिखाई दे रहा है, जबकि दृश्यता भी काफी कम हो गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बाहर निकलते ही धुएं की तेज गंध महसूस हो रही है और आंखों में जलन तथा सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
हवा में बढ़े जहरीले कण, स्वास्थ्य पर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, जंगल की आग से निकलने वाले PM2.5 जैसे बेहद बारीक कण हवा में तेजी से फैल रहे हैं। ये कण फेफड़ों और हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से खतरनाक माने जाते हैं।
स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो N95 मास्क पहनें, घर की खिड़कियां बंद रखें और एयर प्यूरीफायर या एयर कंडीशनर का उपयोग करें।
गर्मी और सूखे ने बढ़ाई मुश्किल
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय से जारी सूखा, रिकॉर्ड कम बर्फबारी और लगातार बढ़ता तापमान जंगलों को बेहद सूखा बना चुका है। यही कारण है कि आग तेजी से फैल रही है और उसे नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया के कई हिस्सों में जंगल की आग की घटनाएं पहले की तुलना में अधिक बार और अधिक तीव्र रूप में सामने आ रही हैं।
आगे भी बना रहेगा खतरा
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में धुएं का असर और बढ़ सकता है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर आग को पूरी तरह बुझाने में लंबा समय लग सकता है और परिस्थितियां मौसम पर भी निर्भर करेंगी।
स्थानीय नहीं, वैश्विक बनती जा रही चुनौती
कनाडा में लगी यह भीषण आग एक बार फिर दिखाती है कि जंगलों की आग अब केवल किसी एक देश की समस्या नहीं रह गई है। इसका असर सैकड़ों किलोमीटर दूर तक हवा, पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संकट भविष्य में और गंभीर हो सकते हैं, इसलिए जलवायु परिवर्तन और वन संरक्षण को लेकर वैश्विक स्तर पर ठोस कदम उठाने की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।



