Brazil: ब्राजील-अर्जेंटीना में बढ़ा कूटनीतिक तनाव, राष्ट्रपति को ‘चोर’ और चीफ जस्टिस को ‘कचरा’ कहने पर विवाद गहराया

Brazil: दक्षिण अमेरिका के दो सबसे बड़े देशों ब्राजील और अर्जेंटीना के बीच इस बार विवाद फुटबॉल के मैदान पर नहीं, बल्कि राजनीतिक बयानबाजी को लेकर छिड़ गया है। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली द्वारा ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पर की गई तीखी टिप्पणियों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में बड़ा तनाव पैदा हो गया है। इसके जवाब में ब्राजील ने अपने कूटनीतिक संबंधों का स्तर घटाने का फैसला किया है।

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्टों के अनुसार, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने हाल के सार्वजनिक कार्यक्रमों और इंटरव्यू में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा को “चोर”, “भ्रष्ट” और “पूर्व दोषी” जैसे शब्दों से संबोधित किया। वहीं उन्होंने ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्जेंड्रे डी मोराएस के लिए भी अपमानजनक टिप्पणी की। इन बयानों को ब्राजील सरकार ने अपने लोकतांत्रिक संस्थानों और संवैधानिक पदों का अपमान बताया।

ब्राजील ने उठाया बड़ा कूटनीतिक कदम

विवाद बढ़ने के बाद ब्राजील ने अर्जेंटीना के साथ अपने राजनयिक संबंधों को घटाने की घोषणा की। ब्राजील ने अपने राजदूत को वापस नहीं भेजने और संबंधों को फिलहाल ‘चार्जे डी’अफेयर्स’ स्तर पर संचालित करने का फैसला किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच इस तरह का कदम बेहद असामान्य माना जा रहा है।

पहले से तनावपूर्ण रहे हैं रिश्ते

जेवियर माइली के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही उनकी और लूला दा सिल्वा के बीच वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आते रहे हैं। माइली कई मौकों पर लूला की आलोचना कर चुके हैं, जबकि ब्राजील भी इन बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देता रहा है। दोनों नेताओं के बीच अब तक कोई औपचारिक द्विपक्षीय बैठक भी नहीं हो सकी है, जिससे रिश्तों में लगातार दूरी बनी हुई है।

क्षेत्रीय राजनीति पर पड़ सकता है असर

ब्राजील और अर्जेंटीना दक्षिण अमेरिका की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं और दोनों मर्कोसुर (Mercosur) जैसे क्षेत्रीय आर्थिक समूह के प्रमुख सदस्य हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव व्यापार, क्षेत्रीय सहयोग और लैटिन अमेरिकी कूटनीति पर भी असर डाल सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बयानबाजी का दौर जारी रहा तो दोनों देशों के संबंध और अधिक जटिल हो सकते हैं।

आगे क्या?

फिलहाल अर्जेंटीना की ओर से ब्राजील के फैसले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत के जरिए स्थिति सामान्य करने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन मौजूदा हालात दोनों देशों के संबंधों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं।

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