
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बाद अब समाजवादी पार्टी (SP) भी उम्मीदवारों के चयन के लिए सर्वे की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। मुरादाबाद जिले की दो अहम विधानसभा सीटों—मुरादाबाद नगर और कुंदरकी—पर पार्टी ने गोपनीय सर्वे कराकर संभावित उम्मीदवारों की लोकप्रियता और जीत की संभावनाओं का आकलन शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, अब तक दो चरणों में हुए सर्वे में कुल आठ प्रमुख दावेदारों के नाम सामने आए हैं। पार्टी नेतृत्व इन रिपोर्टों के आधार पर टिकट वितरण की रणनीति तैयार कर रहा है।
मुरादाबाद नगर सीट पर कई नए चेहरे चर्चा में
मुरादाबाद नगर सीट पर जिन नेताओं के नाम सर्वे में प्रमुखता से सामने आए हैं, उनमें पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी, जिलाध्यक्ष जयवीर यादव, लाखन सिंह सैनी और राहुल सिंह शामिल बताए जा रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इस सीट के लिए जिन प्रमुख नामों पर चर्चा हुई है, उनमें तीन हिंदू नेता भी शामिल हैं। राजनीतिक जानकार इसे समाजवादी पार्टी की बदलती चुनावी रणनीति और व्यापक सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।
कुंदरकी सीट पर भी टिकट की दौड़ तेज
कुंदरकी विधानसभा सीट पर भी पार्टी के भीतर कई दावेदार सक्रिय हैं। सर्वे में पूर्व विधायक हाजी रिजवान, अकीलुर्रहमान, जिला पंचायत सदस्य नावेद बबलू और अनीस चौधरी के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं।
इसके अलावा राबुल पाशा और आशकार पाशा सहित अन्य नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों की सूची में बताए जा रहे हैं।
भाजपा को चुनौती देने की नई रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी इस बार केवल पारंपरिक वोट बैंक पर निर्भर रहने के बजाय व्यापक सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश कर रही है।
लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद सीट से रुचिवीरा को उम्मीदवार बनाकर पार्टी पहले ही चौंका चुकी है। अब विधानसभा चुनाव में भी यदि पार्टी सर्वे के आधार पर नए चेहरे उतारती है, तो भाजपा के सामने मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
चार सीटों पर बदलाव के संकेत नहीं
पार्टी सूत्रों के मुताबिक फिलहाल सर्वे केवल मुरादाबाद नगर और कुंदरकी सीटों तक सीमित है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि मुरादाबाद देहात, कांठ, ठाकुरद्वारा और बिलारी जैसी सीटों पर समाजवादी पार्टी मौजूदा विधायकों पर ही भरोसा जता सकती है।
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प्रदेश स्तर पर हो रहा है गोपनीय सर्वे
सपा जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के मुताबिक उम्मीदवारों के चयन को लेकर अभी जिला स्तर पर आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। सर्वे पूरी तरह प्रदेश नेतृत्व के स्तर पर कराया जा रहा है और इसकी रिपोर्ट सीधे पार्टी हाईकमान को भेजी जा रही है।
2027 चुनाव में सर्वे बनेगा टिकट का आधार?
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब टिकट वितरण का तरीका तेजी से बदल रहा है। भाजपा की तरह समाजवादी पार्टी भी अब जमीनी फीडबैक, संगठन की रिपोर्ट और गोपनीय सर्वे के आधार पर उम्मीदवार तय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि सर्वे रिपोर्ट किस नेता की राजनीतिक किस्मत चमकाती है और किसकी उम्मीदों पर विराम लगाती है।



