
Washington News-अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान होने के बाद ट्रंप के सामने राजनीतिक चुनौतियां बढ़ गई हैं। इसी बीच उनके खिलाफ महाभियोग लाने की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है।
महाभियोग से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई की गई तो इसका नुकसान खुद डेमोक्रेट्स को उठाना पड़ सकता है। उन्होंने अपने संवैधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए वीटो पावर का भी जिक्र किया।
महाभियोग पर ट्रंप ने क्या कहा?
मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन को लेकर सवालों के बीच ट्रंप से महाभियोग की संभावना पर भी प्रतिक्रिया मांगी गई। इस पर उन्होंने कहा कि अगर डेमोक्रेटिक पार्टी ने ऐसा कदम उठाया तो उसे राजनीतिक नुकसान हो सकता है।
ट्रंप ने अपने खिलाफ महाभियोग की किसी भी कोशिश को बेवजह बताते हुए अपने कार्यकाल का बचाव किया। उनका दावा है कि अमेरिका की स्थिति पहले से बेहतर हुई है और उनके फैसलों से देश को फायदा पहुंचा है।
ट्रंप के खिलाफ तीसरे महाभियोग की चर्चा
डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ तीसरी बार महाभियोग की मांग को लेकर कुछ डेमोक्रेटिक नेताओं की ओर से आवाज उठाई जा रही है। इनमें कैलिफोर्निया के सांसद रॉबर्ट गार्सिया और डेमोक्रेटिक नेता जेमी रास्किन जैसे नाम शामिल हैं।
वहीं, रिपब्लिकन नेताओं ने भी आशंका जताई है कि डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस में अपनी स्थिति मजबूत होने पर ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। इससे अमेरिकी राजनीति में आने वाले दिनों में टकराव और बढ़ने की संभावना है।
महाभियोग के मुद्दे पर डेमोक्रेट्स में भी मतभेद
हालांकि, डेमोक्रेटिक पार्टी के सभी नेता ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई के पक्ष में नहीं हैं। अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस पहले ही इस तरह के कदम को लेकर सावधानी बरतने की बात कह चुकी हैं।
उनका मानना था कि महाभियोग की प्रक्रिया में संसाधन खर्च करने के बजाय दूसरे जरूरी राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। ओहायो के सीनेटर शेरोड ब्राउन ने भी ट्रंप के खिलाफ तीसरे महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन नहीं करने की बात कही थी।
इस तरह ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का मुद्दा अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले समय में कांग्रेस में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन नेताओं के रुख से इस राजनीतिक विवाद की दिशा तय हो सकती है।



