
Amit Shah on Rahul Gandhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती देने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया है। हरियाणा के करनाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के साथ बहस करने की जरूरत नहीं है। यदि उन्हें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा करनी है, तो वह प्रधानमंत्री को पत्र लिखें। सरकार इस मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है।
अमित शाह ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए संसद सबसे उपयुक्त मंच है। उन्होंने कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और सदन का बहिष्कार करने का आरोप लगाया। शाह ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि वह SIR पर चर्चा के लिए संसद में आएं और अपनी बात रखें।
‘राहुल जी, प्रधानमंत्री को पत्र लिख दीजिए’
करनाल की रैली में अमित शाह ने कहा कि वह राहुल गांधी को चुनौती देते हैं कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखें। उन्होंने कहा, “राहुल जी, मोदी जी की जरूरत नहीं है। चर्चा करनी है तो एक पत्र लिख दो मोदी जी को। हम SIR पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार हैं।”
गृह मंत्री ने कहा कि संसद लोकतांत्रिक व्यवस्था में चर्चा का सर्वोच्च मंच है। उनके मुताबिक, कांग्रेस को संसद के भीतर अपनी बात रखनी चाहिए, लेकिन पार्टी की ओर से सदन में हंगामा और कार्यवाही का बहिष्कार किया जाता है।
शाह ने कांग्रेस पर सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन के जरिए अराजकता फैलाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद का रास्ता खुला है और विपक्ष को वहां अपनी बात रखनी चाहिए।
राहुल गांधी पर चुनावी हार का ठीकरा आयोग पर फोड़ने का आरोप
अमित शाह ने अपने संबोधन में राहुल गांधी और कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के 600 जिलों में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली के जरिए राहुल गांधी को जवाब दिया गया है।
शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद, लोकसभा अध्यक्ष और न्यायालय का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता चुनाव में हार के बाद अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग और मतदाता सूची पर सवाल उठा रहे हैं।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि जहां कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां उसे मतदाता सूची सही नजर आती है, जबकि हारने पर पार्टी मतदाता सूची और ईवीएम पर सवाल उठाती है। ये आरोप अमित शाह ने अपनी रैली के दौरान लगाए।
‘तीन करोड़ घुसपैठियों’ को लेकर भी कांग्रेस पर हमला
अपने भाषण में अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि तीन करोड़ घुसपैठियों का मुद्दा राहुल गांधी और कांग्रेस के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। शाह ने कांग्रेस पर घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का आरोप लगाया और विपक्ष की रैलियों को घुसपैठियों के समर्थन से जोड़कर टिप्पणी की।
हालांकि, तीन करोड़ घुसपैठियों की संख्या और मतदाता सूची में उनके नाम शामिल होने से संबंधित दावे अमित शाह के राजनीतिक आरोप हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित दस्तावेजों को देखना जरूरी है।
भगवंत मान और पंजाब के किसानों का भी किया जिक्र
अमित शाह ने अपने भाषण में पंजाब के किसानों और मुख्यमंत्री भगवंत मान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर अपनी मांग उठा रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने भगवंत मान पर टिप्पणी करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से शासन चलाने का तरीका सीखने की बात कही।
शाह ने कांग्रेस के विधायकों की संख्या का जिक्र करते हुए दावा किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के विधायक घट रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा का राजनीतिक विस्तार हुआ है। उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर भी सवाल उठाए और उनका हिसाब जनता के सामने रखने की बात कही।
SIR को लेकर संसद में चर्चा की पेशकश
अमित शाह के बयान का प्रमुख केंद्र SIR रहा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेता इस प्रक्रिया पर चर्चा चाहते हैं, तो सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है। शाह ने विपक्ष को संसद में चर्चा करने की चुनौती देते हुए कहा कि लोकतंत्र में संसद से बड़ा कोई मंच नहीं है।
SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पहले से ही राजनीतिक मतभेद सामने आते रहे हैं। विपक्ष इस प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रहा है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से इसे चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा विषय बताया जाता है। अब अमित शाह की विशेष सत्र बुलाने की पेशकश पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।
written by Siddhi Srivastava



