Politics: ‘कांग्रेस-INDI ब्लॉक लोकतंत्र के लिए खतरा’, CM विष्णु देव साय का विपक्ष पर तीखा हमला, बोले- इसी पार्टी ने थोपा था आपातकाल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने आपातकाल, अनुच्छेद 356 और EVM का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा, राहुल गांधी ने PM मोदी को दी थी बहस की चुनौती।

Politics: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस और INDI गठबंधन पर निशाना साधते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला रहा है और आज वही पार्टी लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रही है। मुख्यमंत्री ने आपातकाल, अनुच्छेद 356 के कथित दुरुपयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर कांग्रेस के रुख का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला।

कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को दबाया: CM साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि लोकतंत्र को कांग्रेस और INDI गठबंधन से खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए कई बार लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। साय के मुताबिक, देश में आपातकाल लागू करना कांग्रेस के इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था और प्रेस की स्वतंत्रता पर पाबंदियां लगाई गई थीं। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कई मौकों पर संविधान के अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग करते हुए लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया।

साय ने कहा कि जिस पार्टी ने अपने शासनकाल में ऐसे कदम उठाए, उसका आज लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता की बात करना हास्यास्पद लगता है। उन्होंने कांग्रेस और INDI गठबंधन की लोकतंत्र को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर भी सवाल खड़े किए।

चुनाव हारने पर EVM पर सवाल, जीतने पर भरोसा: साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चुनावी प्रक्रिया और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर विपक्ष के रवैये पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव में हार मिलने पर EVM और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगती है, जबकि जीत मिलने पर उसी व्यवस्था पर भरोसा जताती है।

साय ने कहा कि विपक्ष का यह रवैया उसकी राजनीतिक सोच को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी नतीजे पक्ष में आने पर संस्थाओं की विश्वसनीयता स्वीकार कर ली जाती है, लेकिन परिणाम मनमुताबिक नहीं होने पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जाते हैं।

मुख्यमंत्री के इस बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब देश में चुनावी प्रक्रिया, EVM की विश्वसनीयता और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है।

राहुल गांधी ने PM मोदी को दी आमने-सामने बहस की चुनौती

दूसरी ओर, कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर तीखा बयान दिया था। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को आमने-सामने बहस की चुनौती देते हुए दावा किया कि वह पांच मिनट के भीतर साबित कर सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हें नियंत्रित कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा था कि उन्होंने नरेंद्र मोदी को आमने-सामने बहस करने की चुनौती दी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री इस बहस के लिए अपनी पसंद का व्यक्ति जज के तौर पर चुन सकते हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री उनके सामने बैठकर बहस नहीं कर पाएंगे।

उन्होंने अपने बयान में प्रधानमंत्री को लेकर ‘देशद्रोही’ शब्द का इस्तेमाल किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रभाव में होने का आरोप लगाया।

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सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ी बयानबाजी

कांग्रेस और INDI गठबंधन को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं। एक तरफ भाजपा नेता कांग्रेस के पुराने शासनकाल, आपातकाल और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष को घेर रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस नेता केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।

EVM, चुनाव आयोग, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दे भी इस सियासी बहस के केंद्र में बने हुए हैं। ऐसे में विष्णु देव साय और राहुल गांधी के बयानों ने एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को चर्चा में ला दिया है।

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