
UP News : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक और सियासी झटका लगने जा रहा है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा नेता साहब सिंह सैनी ने पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी (SP) में शामिल होने का ऐलान किया है। वह 3 नवंबर को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उनके साथ समर्थक और अन्य साथी भी सपा में शामिल होंगे।
साहब सिंह सैनी पहले समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं। भाजपा में आने से पहले उन्हें सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके परिवार का करीबी माना जाता था। ऐसे में उनकी वापसी को सियासी घर वापसी के रूप में देखा जा रहा है। उनके इस फैसले से सहारनपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
नकुड़ विधानसभा सीट पर नजरें, टिकट की दावेदारी से बढ़ेगी चुनौती
राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, साहब सिंह सैनी की नजर आगामी विधानसभा चुनाव में सहारनपुर की नकुड़ विधानसभा सीट पर हो सकती है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
यदि वह नकुड़ सीट से टिकट की दावेदारी करते हैं, तो सपा के भीतर चुनावी समीकरण दिलचस्प हो सकते हैं। उनकी वापसी से पार्टी में टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ने की संभावना है। वहीं, सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन में सीटों का बंटवारा भी अभी तय नहीं है। ऐसे में सीमित सीटों पर बढ़ती दावेदारी पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकती है।
चुनाव से पहले सपा में नेताओं की एंट्री तेज
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा में दूसरे दलों के नेताओं के शामिल होने का सिलसिला भी चर्चा में है। हाल ही में श्रावस्ती के जिला पंचायत सदस्य देव प्रताप सिंह ने अपने पिता, उद्योगपति एवं समाजसेवी तेज प्रताप सिंह के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उनके समर्थक भी इस दौरान मौजूद रहे।
इससे पहले भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी कीर्ति कश्यप के साथ सपा में शामिल हुए थे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दोनों को पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। इस दौरान कीर्ति कश्यप को बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया गया था।
धर्मेंद्र कश्यप के सपा में आने के बाद बरेली की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा है। वहीं, साहब सिंह सैनी की प्रस्तावित वापसी से सहारनपुर में भी आगामी चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ने के आसार हैं।



