
Solar Panel Tips: घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के बाद लोग अक्सर उसके रखरखाव पर उतना ध्यान नहीं देते, जितना जरूरी है। पैनल पर धूल-मिट्टी जमने से लेकर उसकी सतह पर पानी के दाग बनने तक, कई कारण बिजली उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं। खास बात यह है कि सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाला पानी भी पैनल की सतह पर निशान छोड़ सकता है।
नल के पानी में कैल्शियम और दूसरे घुले हुए मिनरल्स मौजूद हो सकते हैं। पानी सूखने के बाद ये तत्व कांच पर सफेद दाग छोड़ सकते हैं। यदि ऐसी परत लगातार जमा होती रहे, तो पैनल से गुजरने वाली सूर्य की रोशनी प्रभावित हो सकती है। इसलिए केवल पानी डालकर पैनल छोड़ देना हमेशा पर्याप्त नहीं होता।
धूल की परत से कम हो सकता है बिजली उत्पादन
सोलर पैनल पर धूल, मिट्टी और अन्य कण जमा होने की स्थिति को तकनीकी भाषा में सोइलिंग कहा जाता है। पैनल की सतह पर गंदगी बढ़ने से सूर्य की रोशनी का कुछ हिस्सा सोलर सेल तक नहीं पहुंच पाता। इससे बिजली बनाने की क्षमता कम हो सकती है।
भारत में सूखा मौसम, धूल भरी हवा, वाहनों का प्रदूषण और आसपास चल रहे निर्माण कार्य पैनलों पर गंदगी जमा होने की वजह बन सकते हैं। हालांकि, बिजली उत्पादन में कितनी गिरावट आएगी, यह धूल की मात्रा, मौसम, पैनल के झुकाव और सिस्टम की स्थिति पर निर्भर करता है।
टैप वॉटर से सफाई करते समय कहां होती है चूक?
सामान्य नल के पानी से पैनल साफ करना अपने आप में हमेशा गलत नहीं है। परेशानी तब हो सकती है, जब पानी में मिनरल्स की मात्रा अधिक हो और सफाई के बाद उसे सतह पर ही सूखने दिया जाए।
पानी के वाष्पित होने पर उसके घुले हुए मिनरल्स कांच पर निशान छोड़ सकते हैं। बार-बार ऐसा होने से दाग जमा हो सकते हैं और उन्हें हटाना मुश्किल हो सकता है।
इसलिए पानी की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। जहां पानी बहुत कठोर हो, वहां कम मिनरल वाले पानी का इस्तेमाल करना उपयोगी हो सकता है। जरूरत के मुताबिक डिस्टिल्ड या डीमिनरलाइज्ड पानी का विकल्प भी अपनाया जा सकता है।
क्या एक महीने में 30 प्रतिशत तक घट सकती है पावर?
सोलर पैनल की सफाई लंबे समय तक न होने पर बिजली उत्पादन में उल्लेखनीय कमी आ सकती है। कुछ परिस्थितियों में धूल की मोटी परत से नुकसान काफी अधिक हो सकता है, लेकिन हर पैनल में एक महीने के भीतर 20 से 30 प्रतिशत गिरावट होना तय नहीं है।
उत्पादन पर असर स्थानीय धूल, बारिश, हवा, पैनल के कोण और सफाई की नियमितता जैसे कारकों पर निर्भर करता है। इसलिए किसी निश्चित अवधि के बाद बिजली उत्पादन में एक जैसा नुकसान होने का दावा सभी जगहों पर लागू नहीं किया जा सकता।
अगर सोलर सिस्टम का आउटपुट अचानक कम हो रहा है, तो केवल गंदगी को जिम्मेदार मानने के बजाय इन्वर्टर, वायरिंग और अन्य तकनीकी स्थितियों की भी जांच करानी चाहिए।
सुबह या शाम को करें पैनल की सफाई
सोलर पैनल दिन में धूप के कारण काफी गर्म हो सकते हैं। ऐसे में बहुत गर्म सतह पर अचानक ठंडा पानी डालने से तापमान में तेजी से बदलाव हो सकता है, जिससे कुछ परिस्थितियों में ग्लास को नुकसान पहुंचने का जोखिम रहता है।
इसीलिए पैनल को सुबह जल्दी या शाम के समय साफ करना बेहतर होता है, जब उसकी सतह अपेक्षाकृत ठंडी हो। सफाई से पहले सिस्टम निर्माता के निर्देश जरूर देख लें।
स्क्रबर और तेज केमिकल से बचें
पैनल की ऊपरी सतह को साफ करते समय खुरदरे स्क्रबर, स्टील वूल या कठोर ब्रश का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इनसे कांच पर खरोंच पड़ सकती है। इसी तरह ब्लीच, अमोनिया या तेज केमिकल वाले क्लीनर भी इस्तेमाल करने से बचें, जब तक निर्माता ने उनकी अनुमति न दी हो।
सफाई के लिए मुलायम कपड़ा, पैनल के अनुकूल सॉफ्ट ब्रश या उपयुक्त स्क्वीजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे गंदगी हटाने में मदद मिलती है और सतह को नुकसान पहुंचने का जोखिम भी कम रहता है।
हर इलाके में सफाई का शेड्यूल अलग हो सकता है
सोलर पैनल कितनी बार साफ करने चाहिए, इसका कोई एक नियम सभी जगहों के लिए सही नहीं है। धूल वाले क्षेत्रों, औद्योगिक इलाकों और निर्माण स्थलों के आसपास पैनल जल्दी गंदे हो सकते हैं।
समुद्र के नजदीक हवा में मौजूद नमक भी पैनल की सतह पर जमा हो सकता है। दूसरी ओर, जहां नियमित बारिश होती है, वहां कुछ गंदगी प्राकृतिक रूप से हट सकती है। फिर भी बारिश हर तरह के दाग या जमा मिनरल्स को पूरी तरह नहीं हटाती।
इसलिए सफाई का समय इलाके की परिस्थितियों, पैनल की स्थिति और निर्माता के निर्देशों के अनुसार तय करना बेहतर है।
पक्षियों की बीट को लंबे समय तक न रहने दें
पक्षियों की बीट पैनल के किसी हिस्से को ढक सकती है और सूर्य की रोशनी को वहां पहुंचने से रोक सकती है। कुछ स्थितियों में इससे सेल के हिस्सों पर असमान गर्मी भी पैदा हो सकती है।
ऐसे निशान दिखाई देने पर सुरक्षित तरीके से उन्हें हटाना बेहतर है। यदि पैनल छत पर ऊंचाई पर लगा है या वहां पहुंचना जोखिम भरा है, तो खुद सफाई करने के बजाय प्रशिक्षित व्यक्ति की मदद लें।
सोलर पैनल की देखभाल के लिए याद रखें ये बातें
- सफाई से पहले पैनल और सिस्टम निर्माता के निर्देश पढ़ें।
- पानी में मिनरल्स की मात्रा अधिक होने पर कम मिनरल वाले पानी का विकल्प देखें।
- गर्म पैनल पर अचानक ठंडा पानी डालने से बचें।
- खुरदरे स्क्रबर और तेज केमिकल का इस्तेमाल न करें।
- पैनल पर धूल, दाग और पक्षियों की बीट की नियमित जांच करें।
- सफाई के बाद भी उत्पादन कम रहे, तो सिस्टम की तकनीकी जांच कराएं।
सोलर पैनल से बेहतर बिजली उत्पादन पाने के लिए केवल उसकी स्थापना ही नहीं, बल्कि नियमित रखरखाव भी महत्वपूर्ण है। सही तरीके से सफाई करने से सतह पर गंदगी जमा होने की समस्या कम की जा सकती है और पैनल की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
written by Siddhi Srivastava



