Actor Nana Patekar-नाना पाटेकर और ‘क्रांतिवीर’ का रिश्ता, दिलीप कुमार की वो बात जो सच साबित हुई

The bond between actor Nana Patekar and the film ‘Krantiveer’: The remark by Dilip Kumar that proved true.

Actor Nana Patekar-अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। उनके अभिनय और दमदार संवादों को लंबे समय तक याद किया जाएगा। इसी बीच उनकी चर्चित फिल्म ‘क्रांतिवीर’ से जुड़ा एक पुराना किस्सा फिर चर्चा में है। इस किस्से में दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार ने नाना पाटेकर के अभिनय को लेकर ऐसी बात कही थी, जो आगे चलकर बिल्कुल सही साबित हुई।

दिलीप कुमार ने फिल्म देखकर कही थी बड़ी बात

‘क्रांतिवीर’ के निर्देशक मेहुल कुमार ने फिल्म के 30 साल पूरे होने के अवसर पर इस घटना का जिक्र किया था। उनके मुताबिक, फिल्म का ट्रायल शो सुनील दत्त की अजंता आर्ट्स में रखा गया था। इस दौरान दिलीप कुमार, सायरा बानो और परिवार के कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे।

फिल्म देखने के बाद दिलीप कुमार बाहर आए और वहां रखी एक संगमरमर की कुर्सी पर बैठ गए। मेहुल कुमार के अनुसार, उस स्थान के पीछे नरगिस की तस्वीर लगी हुई थी। दिलीप कुमार ने निर्देशक को बुलाकर फिल्म की तारीफ की।

उन्होंने कहा था कि फिल्म ऐसी है, जिसका प्रभाव दर्शकों के मन में लंबे समय तक बना रहेगा। इसके बाद उन्होंने नरगिस से जुड़ा ‘मदर इंडिया’ का एक पुराना प्रसंग भी साझा किया।

‘क्रांतिवीर’ का नाम नाना से हमेशा जुड़ा रहेगा

मेहुल कुमार के मुताबिक, दिलीप कुमार ने उनसे कहा था कि वह नाना पाटेकर से जरूर कहें कि इस फिल्म के बाद ‘क्रांतिवीर’ का नाम हमेशा उनके साथ जुड़ा रहेगा।

निर्देशक ने बताया कि उन्होंने घर पहुंचकर नाना पाटेकर को फोन किया और दिलीप कुमार की कही बात उन्हें बताई। समय बीतने के साथ यह बात सच साबित हुई और ‘क्रांतिवीर’ नाना पाटेकर के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में शामिल हो गई।

दिलीप कुमार ने खुद दिया था फिल्मफेयर पुरस्कार

इस कहानी का एक और खास पहलू यह है कि ‘क्रांतिवीर’ के लिए नाना पाटेकर को फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार मिला था। खास बात यह रही कि यह सम्मान उन्हें खुद दिलीप कुमार ने प्रदान किया था।

नाना पाटेकर ने एक पुराने इंटरव्यू में दिलीप कुमार से हुई मुलाकात को याद करते हुए बताया था कि पुरस्कार मिलने के बाद दिग्गज अभिनेता ने उन्हें अपने घर बुलाया था।

नाना के मुताबिक, उस दिन बारिश हो रही थी और वह पूरी तरह भीग गए थे। दिलीप कुमार ने उन्हें इस हालत में देखा तो खुद तौलिया लाकर उन्हें सुखाया और फिर पहनने के लिए अपना कुर्ता दिया। नाना पाटेकर ने कहा था कि उनके लिए यह सम्मान किसी भी पुरस्कार से बढ़कर था।

‘क्रांतिवीर’ ने दिलाई थी बड़ी पहचान

साल 1994 में रिलीज हुई ‘क्रांतिवीर’ का निर्देशन और निर्माण मेहुल कुमार ने किया था। फिल्म में नाना पाटेकर के साथ डिंपल कपाड़िया, अतुल अग्निहोत्री और ममता कुलकर्णी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म में फरीदा जलाल, परेश रावल, टीनू आनंद और डैनी डेंग्जोंगपा जैसे कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण किरदार निभाए।

फिल्म को दर्शकों के साथ-साथ पुरस्कार समारोहों में भी काफी सराहना मिली। ‘क्रांतिवीर’ ने कई बड़े सम्मान अपने नाम किए। नाना पाटेकर को फिल्म में शानदार अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

फिल्म में उन्होंने ऐसे किरदार को निभाया था, जो शुरुआत में बेहद आक्रामक और व्यवस्था से नाराज नजर आता है, लेकिन आगे चलकर समाज और गरीबों के अधिकारों के लिए संघर्ष करता है।

नाना पाटेकर के अभिनय और फिल्म के संवादों ने ‘क्रांतिवीर’ को हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में शामिल कर दिया। यही वजह है कि वर्षों बाद भी इस फिल्म और नाना पाटेकर के अभिनय को साथ-साथ याद किया जाता है।

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