
Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बीच अब हेड कॉन्स्टेबल भूपेंद्र अहलावत ने अपनी बात रखी है। उन्होंने बताया कि घटना से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद उनके परिवार और रिश्तेदारों ने उन्हें फोन कर हालचाल पूछा।
भूपेंद्र अहलावत के मुताबिक, उनकी पत्नी ने भी वायरल वीडियो देखा और उनसे पूछा कि कहीं उन्हें चोट तो नहीं लगी। उन्होंने पत्नी को पहले यही बताया कि उन्हें कुछ नहीं हुआ है।
‘परिवार वाले फोन करके पूछ रहे हैं’
हेड कॉन्स्टेबल ने बताया कि उनकी पत्नी ने वीडियो को दोबारा दूसरे एंगल से देखा और उन्हें पहचान लिया। इसके बाद परिवार के दूसरे सदस्यों और रिश्तेदारों के फोन भी आने लगे।
उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का असर व्यक्तिगत स्तर पर भी पड़ा है। उनके मुताबिक, वर्दी में ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी की अपनी छवि और आत्मसम्मान भी होता है और इस घटना के वीडियो सामने आने से उन्हें मानसिक रूप से दुख हुआ।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की का दावा
भूपेंद्र अहलावत ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी की ओर से प्रदर्शनकारियों के साथ गलत व्यवहार किया गया है तो वह भी गलत है।
हालांकि, उन्होंने अपने बारे में कहा कि उन्होंने किसी महिला को छुआ नहीं और न ही किसी प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट की। उनके मुताबिक, धक्का-मुक्की के दौरान लोग गिर रहे थे और इसके बाद भी कुछ प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों को नीचे गिराकर मारने की कोशिश कर रहे थे।
‘गिरने वाले की मदद करनी चाहिए’
हेड कॉन्स्टेबल ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों से बार-बार बस में जाकर बैठने की अपील कर रहे थे, क्योंकि भीड़ और धक्का-मुक्की में किसी को चोट लगने का खतरा था।
उनके अनुसार, अगर धक्का-मुक्की में कोई व्यक्ति गिर जाता है तो उसकी मदद की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इसके उलट पुलिसकर्मियों को ही गिराने और मारने की कोशिश कर रहे थे।
‘मुझे चोट नहीं लगी, लेकिन घटना से दुख हुआ’
भूपेंद्र अहलावत ने बताया कि घटना के दौरान उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं लगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनके लिए यह मामला सिर्फ शारीरिक चोट का नहीं है।
उन्होंने अपनी व्यक्तिगत छवि और आत्मसम्मान का जिक्र करते हुए कहा कि घटना के वीडियो देखने के बाद परिवार के लोगों की चिंता और फोन आने से उन्हें दुख पहुंचा है।
कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुआ विवाद
जंतर-मंतर पर यह विवाद कांग्रेस के SIR विरोधी प्रदर्शन के दौरान सामने आया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के समर्थकों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कथित धक्का-मुक्की के कई वीडियो सामने आए। दिल्ली पुलिस इन वीडियो और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पुलिस के व्यवहार पर भी उठे थे सवाल
प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर भी कथित तौर पर अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। इस पर भूपेंद्र अहलावत ने कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी गलत व्यवहार करता है तो वह भी स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने हालांकि अपने स्तर पर किसी महिला के साथ दुर्व्यवहार या मारपीट से इनकार किया और कहा कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की कोशिश प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित रखने की भी थी।
वीडियो की जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
जंतर-मंतर की घटना से जुड़े वीडियो अलग-अलग कोणों से सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। ऐसे में घटना के वास्तविक क्रम और उसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल हेड कॉन्स्टेबल भूपेंद्र अहलावत ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि घटना ने उन्हें शारीरिक चोट से ज्यादा उनकी व्यक्तिगत छवि और आत्मसम्मान के स्तर पर प्रभावित किया है। वहीं प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए घटनाक्रम को लेकर जांच जारी है।
written by Siddhi Srivastava



