Umesh Pal Murder Case: अरमान की गिरफ्तारी से शाइस्ता और गुड्डू मुस्लिम की तलाश में नई कड़ी, पुलिस पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज

43 महीने से गया जेल में बंद अरमान को यूपी पुलिस प्रयागराज लेकर पहुंची है। पुलिस पूछताछ में गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन से जुड़े अहम सवालों के जवाब तलाशे जा सकते हैं।

Umesh Pal Murder Case: प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड की जांच में उत्तर प्रदेश पुलिस को एक अहम कड़ी हाथ लगी है। 24 फरवरी 2023 को हुई इस सनसनीखेज वारदात में शामिल बताए जा रहे पांच लाख रुपये के इनामी आरोपी अरमान को पुलिस बिहार के गया से प्रयागराज लेकर पहुंची है। करीब 43 महीने तक गया सेंट्रल जेल में बंद रहे अरमान को ट्रांजिट रिमांड के जरिए उत्तर प्रदेश लाया गया है। अब उसकी कोर्ट में पेशी होनी है।

अरमान की गिरफ्तारी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हत्याकांड के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में उसे बमबाज गुड्डू मुस्लिम के साथ देखा गया था। पुलिस के मुताबिक, जिस बाइक पर पीछे बैठकर गुड्डू मुस्लिम ने बम फेंके थे, उसे अरमान चला रहा था। वारदात के बाद दोनों उसी बाइक से मौके से फरार हुए थे।

शाइस्ता परवीन के नेटवर्क से भी जुड़ता है अरमान का नाम

जांच एजेंसियों के लिए अरमान सिर्फ उमेश पाल हत्याकांड का एक आरोपी नहीं है, बल्कि उसे अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन के करीबी लोगों में भी गिना जाता रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अरमान शाइस्ता की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों में शामिल था।

यही वजह है कि अब पुलिस की पूछताछ का दायरा सिर्फ उमेश पाल हत्याकांड तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर सकती हैं कि वारदात के बाद अरमान किन लोगों के संपर्क में रहा, गुड्डू मुस्लिम से उसका संपर्क कब तक रहा और शाइस्ता परवीन की फरारी के दौरान उसके नेटवर्क ने किस तरह काम किया।

हालांकि, इन सवालों के जवाब पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होंगे। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि अरमान के पास शाइस्ता या गुड्डू मुस्लिम के मौजूदा ठिकाने की निश्चित जानकारी है।

वारदात के तीन दिन बाद गया में किया था सरेंडर

पुलिस के मुताबिक, अरमान मूल रूप से बिहार के गया जिले के कठोत्तर तालाब इलाके का रहने वाला है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद वह उत्तर प्रदेश से निकलकर अपने गृह जिले गया पहुंच गया था। इसके बाद 27 फरवरी 2023 को उसने गया की अदालत में एक पुराने गोलीकांड के मामले में सरेंडर कर दिया।

बताया गया है कि यह मामला गया शहर के कटारी तालाब के पास एक अंडा कारोबारी पर गोली चलाने से जुड़ा था। इसी मामले में अरमान को जेल भेज दिया गया और वह लंबे समय तक गया सेंट्रल जेल में ही बंद रहा।

इस दौरान यूपी पुलिस उमेश पाल हत्याकांड में उसकी तलाश करती रही। अब धूमनगंज पुलिस को मिली सूचना के बाद जांच टीम गया पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अरमान को उत्तर प्रदेश ले आई।

गुड्डू मुस्लिम से जुड़े सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस

उमेश पाल हत्याकांड के बाद गुड्डू मुस्लिम लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर है। ऐसे में अरमान से पूछताछ जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि वारदात के बाद दोनों किस रास्ते से निकले और उनका संपर्क कब और कहां टूट गया।

इसके साथ ही जांच एजेंसियां यह भी जानना चाहेंगी कि फरारी के दौरान गुड्डू मुस्लिम को किसने रहने, आने-जाने या आर्थिक मदद उपलब्ध कराई। अगर अरमान को इन नेटवर्क के बारे में जानकारी है, तो उसकी पूछताछ से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

इसी तरह शाइस्ता परवीन को लेकर भी पुलिस के सामने कई सवाल हैं। उमेश पाल हत्याकांड के बाद से शाइस्ता परवीन फरार है। ऐसे में अरमान से उसके संपर्क, संभावित ठिकानों और सहयोगियों के बारे में पूछताछ की जा सकती है।

परिवार ने जताया एनकाउंटर का डर

अरमान की यूपी पुलिस के कब्जे में आने के बाद उसके परिवार ने भी चिंता जाहिर की है। उसके पिता शमीम मलिक ने अपने बेटे के उमेश पाल हत्याकांड में शामिल होने की बात स्वीकार की है। उनका कहना है कि घटना के बाद अरमान उत्तर प्रदेश से निकलकर गया चला गया था।

हालांकि, उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर आशंका जताई है। शमीम मलिक का दावा है कि उन्हें डर है कि रास्ते में अरमान को हथियार देकर पुलिस मुठभेड़ की कहानी बनाई जा सकती है। परिवार ने इस मामले में पहले हो चुकी पुलिस मुठभेड़ों का भी हवाला दिया है।

परिवार के मुताबिक, अरमान पहले उत्तर प्रदेश में एक बर्फ फैक्ट्री में काम करता था। बाद में उसका संपर्क अतीक अहमद के नेटवर्क से जुड़े लोगों से हुआ। पिता का दावा है कि अरमान अतीक अहमद के सीधे संपर्क में कम और उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन तथा परिवार के दूसरे सदस्यों के अधिक करीब था।

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अब कोर्ट की पेशी और पुलिस पूछताछ पर नजर

फिलहाल अरमान को प्रयागराज लाए जाने के बाद कोर्ट में पेश किया जाना है। इसके बाद पुलिस को उसकी कस्टडी मिलती है या नहीं, यह अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा। अगर पुलिस को पूछताछ की अनुमति मिलती है तो उमेश पाल हत्याकांड के बाद करीब तीन साल से अधिक समय से फरार चल रहे आरोपियों और उनके नेटवर्क से जुड़े कई सवालों के जवाब तलाशे जा सकते हैं।

अरमान से पूछताछ के जरिए पुलिस को गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन की तलाश में कोई ठोस सुराग मिलता है या नहीं, यह आने वाले दिनों में सामने आएगा। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी ने उमेश पाल हत्याकांड की जांच में एक नई कड़ी जरूर जोड़ दी है।

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