
Uttar Pradesh Politics: कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को लेकर भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर का बयान विवाद का विषय बना हुआ है। समाजवादी पार्टी की ओर से विधायक की टिप्पणी पर आपत्ति जताए जाने के बाद गुर्जर ने अपने बयान को वापस लेने के बजाय उसे फिर दोहराया है। उन्होंने कहा कि उनकी बात का उद्देश्य समाज को जोड़ना था। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी पर महिला विरोधी राजनीति करने और कई मामलों में दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
मामला उस समय शुरू हुआ जब सहारनपुर में एक कार्यक्रम के दौरान नंद किशोर गुर्जर ने इकरा हसन के निजी जीवन और विवाह को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा था कि अगर इकरा हसन खुद को गुर्जर समाज की बेटी मानती हैं और हिंदू गुर्जर युवक से शादी के लिए तैयार हैं तो समाज उनका विवाह कराने के लिए तैयार है। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
क्या कहा था नंद किशोर गुर्जर ने?
भाजपा विधायक का कहना है कि इकरा हसन कई मौकों पर खुद को गुर्जर समाज की बेटी बताती हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा था कि यदि वह हिंदू गुर्जर समाज में विवाह करती हैं तो इसे समाज की एकता के संदेश के तौर पर देखा जा सकता है।
गुर्जर ने अपने बयान में यहां तक कहा था कि अगर इकरा हसन तैयार हों तो उनकी पसंद के मुताबिक किसी योग्य हिंदू गुर्जर युवक से उनका विवाह कराया जा सकता है। इसी टिप्पणी को लेकर सपा ने भाजपा विधायक पर निशाना साधा और इसे महिला सांसद के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी बताया।
हालांकि, बाद में अपनी सफाई में गुर्जर ने कहा कि उन्होंने समाज को जोड़ने की बात कही है। उनका सवाल था कि समाज की एकता की बात करना गलत कैसे हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इकरा हसन को लेकर उन्होंने जो बात कही, वह उनके गुर्जर समाज से जुड़े होने के दावे के संदर्भ में थी।
सपा ने बयान को बताया शर्मनाक
नंद किशोर गुर्जर की टिप्पणी पर समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। सपा ने विधायक के बयान को शर्मनाक और अक्षम्य बताते हुए उनकी आलोचना की। पार्टी की ओर से कहा गया कि महिला सांसद के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।
सपा मीडिया सेल की प्रतिक्रिया के बाद मामला और गरमा गया। इसके जवाब में नंद किशोर गुर्जर ने एक बार फिर अपनी बात दोहराई और सपा पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने समाजवादी पार्टी को महिला विरोधी बताते हुए पार्टी के नेताओं के पुराने बयानों और अलग-अलग घटनाओं का हवाला दिया।
सपा पर महिला विरोधी होने का लगाया आरोप
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेताओं ने अतीत में गुर्जर और जाट समाज की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। उन्होंने दुष्कर्म के आरोपियों के बचाव का भी आरोप सपा नेताओं पर लगाया।
गुर्जर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में विवादित बयानों को लेकर अखिलेश यादव की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दी गई। हालांकि, ये सभी आरोप भाजपा विधायक की ओर से लगाए गए हैं और सपा की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
लोनी की घटना का भी किया जिक्र
नंद किशोर गुर्जर ने अपने जवाब में लोनी में हाल में हुई दो बेटियों के साथ दुराचार की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
भाजपा विधायक ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मामले में सख्त कार्रवाई की और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी दी। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी सपा को घेरने की कोशिश की।
विवाद बढ़ने के बाद भी बयान पर कायम
सपा की आपत्ति के बावजूद नंद किशोर गुर्जर ने अपने बयान से पीछे हटने के बजाय उसे दोहराया। उनका कहना है कि इकरा हसन यदि खुद को गुर्जर समाज की बेटी मानती हैं तो समाज के साथ एकता का संदेश देने की बात गलत नहीं है।
वहीं, समाजवादी पार्टी इस टिप्पणी को महिला सांसद के निजी जीवन से जोड़कर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के तौर पर देख रही है। यही वजह है कि भाजपा विधायक और सपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण और राजनीतिक बयानबाजी पहले से ही चर्चा में हैं। इकरा हसन कैराना से सपा सांसद हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका नाम लगातार सुर्खियों में रहता है। ऐसे में भाजपा विधायक की टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।



