
Ashutosh Ranka: असम की राजनीति में रविवार को उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के को-फाउंडर आशुतोष रांका और उनकी टीम को गुवाहाटी में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब CJP राज्य में सरकारी स्कूलों की स्थिति और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों पर अभियान चला रही थी।
हिरासत में लिए जाने के बाद आशुतोष रांका ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और राज्य सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम जनता के सामने कुछ ऐसे मुद्दे रखने जा रही थी, जिन्हें सरकार नहीं चाहती कि देश देखे और सुने।
सरकारी स्कूलों को लेकर उठाए सवाल
रांका ने कहा कि उनकी टीम असम के विभिन्न जिलों में सरकारी स्कूलों की स्थिति का अध्ययन कर रही थी। उनका आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं और इन्हें जनता के सामने लाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि स्कूलों की जमीनी हकीकत सामने आएगी तो राज्य सरकार के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच का अंतर भी उजागर होगा। हालांकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
काजीरंगा को लेकर भी साधा निशाना
आशुतोष रांका ने काजीरंगा क्षेत्र को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि स्थानीय समुदायों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जमीन, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित फैसलों को लेकर लोगों में असंतोष है।
रांका ने कहा कि उनकी टीम इन विषयों पर जनसंवाद करने और लोगों की राय जानने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित कर रही थी।
हिरासत के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
CJP टीम को हिरासत में लिए जाने की घटना के बाद राज्य की राजनीति में बहस तेज हो गई है। समर्थक इसे लोकतांत्रिक गतिविधियों पर रोक के रूप में देख रहे हैं, जबकि प्रशासनिक पक्ष से अभी तक कार्रवाई के कारणों पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस घटनाक्रम ने असम में राजनीतिक गतिविधियों, नागरिक अभियानों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सरकार और CJP दोनों की ओर से और बयान सामने आ सकते हैं।
एक संदेश की ओर से नोट
इस खबर में शामिल आरोप आशुतोष रांका द्वारा लगाए गए दावों पर आधारित हैं। संबंधित आरोपों पर सरकारी पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। एक संदेश इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।
written by Siddhi Srivastava



