
SIR 2026 : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने शनिवार को कई अहम प्रशासनिक फैसले लिए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी की बैठक में तय किया गया कि अब आयोग की बैठकों का एजेंडा पहले ही जारी किया जाएगा। बैठक के बाद कार्यवाही और लिए गए फैसलों की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी।
आयोग ने अधिकारियों की विदेश यात्रा को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की है। अब चुनाव आयोग से जुड़े किसी अधिकारी को विदेश जाने से पहले आयोग की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। अधिकारियों को चुनाव आयुक्तों की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
SIR में नोटिस पाने वालों को राहत
SIR के दौरान ‘अनमैप्ड’ स्टेटस या अन्य तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए प्रक्रिया आसान की गई है। ऐसे मामलों में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे और उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे। सामान्य मामलों में मतदाता को ERO कार्यालय बुलाने की जरूरत नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर सुनवाई ऑनलाइन की जा सकेगी।
आयोग ने नाइट शेल्टर, मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए हेल्प डेस्क व विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही ECINet की स्वतंत्र विशेषज्ञों की मदद से समीक्षा कराने और नए IT प्रोजेक्ट को आयोग की मंजूरी के बाद ही लागू करने का फैसला लिया गया है।
दिल्ली-महाराष्ट्र में बढ़ी दावा-आपत्ति की समयसीमा
दिल्ली में SIR से जुड़े दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 और उनके निपटारे की समयसीमा 30 नवंबर कर दी गई है। महाराष्ट्र में दावा-आपत्ति की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर और निपटारे की समयसीमा 10 नवंबर 2026 तय की गई है।
आयोग ने कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र को भी स्पष्ट किया। आयोग के अनुसार पत्र किसी नीतिगत या IT नीति से जुड़ा नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था। आयोग ने यह भी कहा कि देशभर में SIR कराने का फैसला 24 जून 2025 को सर्वसम्मति से लिया गया था।



