
Lucknow News-मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी एवं एआईसीसी अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने किया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता एवं रामपुर खास विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
नीरज त्रिपाठी को हिरासत में लेने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान प्रतापगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की बात कांग्रेस की ओर से कही गई। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भारी बारिश के बीच पुलिस ने नीरज त्रिपाठी को जमीन पर गिराकर हाथ-पैर पकड़कर घसीटा और बाद में बस में बैठाया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी की। पार्टी की ओर से दावा किया गया कि प्रदर्शन में शामिल कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर रिजर्व पुलिस लाइन ले जाया गया।
डॉ. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि हिरासत में लेकर आवाज दबाने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी आवाज आगे भी उठाते रहेंगे।
आराधना मिश्रा मोना ने सरकार पर साधा निशाना
हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता एवं रामपुर खास विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।
मोना ने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों में तथ्य सामने आ चुके हैं तो कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और 2023 के बाद हुए चुनावों को लेकर जांच तथा कार्रवाई की मांग भी उठाई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक उनके सवालों का जवाब नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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रिपोर्ट: उमेश पाण्डेय



