International Conflict: मॉस्को ड्रोन हमले के बाद रूस का पलटवार, यूक्रेन के ड्नीप्रो पर बरसीं मिसाइलें

International Conflict: मॉस्को के आसपास हुए बड़े ड्रोन हमले के बाद रूस ने यूक्रेन के कई इलाकों को निशाना बनाया। ड्नीप्रो शहर में मिसाइल हमलों से नुकसान की खबरें सामने आई हैं।

International Conflict: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। मॉस्को क्षेत्र पर हाल ही में हुए बड़े ड्रोन हमले के बाद रूस ने यूक्रेन के ड्नीप्रो शहर समेत कई इलाकों पर मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों के बाद कई स्थानों पर आग लगने और धुएं के घने गुबार उठने की खबरें सामने आई हैं। युद्ध के ताजा घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को फिर उजागर कर दिया है।

रिपोर्टों के अनुसार, रूस का दावा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने राजधानी मॉस्को की ओर बढ़ रहे सैकड़ों ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया। हालांकि, कुछ ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे, जिससे कई स्थानों पर नुकसान हुआ। इसके बाद रूसी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए यूक्रेन के कई ठिकानों को निशाना बनाया।

मॉस्को क्षेत्र में नुकसान और हताहतों की खबर

रूसी अधिकारियों के मुताबिक, हालिया ड्रोन हमलों में कुछ रिहायशी इमारतों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों और घायलों की पुष्टि भी की है। कई प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में इमारतों, गोदामों और औद्योगिक क्षेत्रों में आग लगने के दृश्य दिखाई दिए हैं। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्रोतों से की जा रही है।

ड्नीप्रो समेत कई इलाकों को बनाया गया निशाना

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस ने ड्नीप्रो शहर पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए। हमलों के कारण कई स्थानों पर विस्फोट हुए और आपातकालीन सेवाओं को मौके पर तैनात किया गया। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर नजर बनाए रखने की बात कही है।

ऊर्जा और रणनीतिक ठिकाने बने लक्ष्य

युद्ध के दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे, परिवहन नेटवर्क और रणनीतिक ठिकानों को लगातार निशाना बनाया है। हाल के दिनों में तेल रिफाइनरी, ईंधन भंडारण केंद्रों और लॉजिस्टिक हब पर भी हमलों की खबरें सामने आई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हमलों का उद्देश्य विरोधी पक्ष की सैन्य आपूर्ति और आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करना होता है। यही वजह है कि ऊर्जा और परिवहन से जुड़े ढांचे लगातार हमलों के केंद्र में बने हुए हैं।

शांति की कोशिशों के बीच जारी है संघर्ष

रूस और यूक्रेन दोनों लगातार एक-दूसरे पर नागरिक और महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाने के आरोप लगाते रहे हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध को कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील भी होती रही है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हमलों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा।

ताजा घटनाक्रम से साफ है कि दोनों देशों के बीच टकराव अभी खत्म होने के संकेत नहीं दे रहा है। ऐसे में क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता को लेकर चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं।

written by Siddhi Srivastava
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