
Uttar Pradesh Politics: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के PDA रथ को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। मायावती ने सपा के पारंपरिक लाल रंग की जगह रथ में भगवा रंग के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सपा का PDA रथ अपने लाल रंग से ज्यादा RSS और BJP के भगवा रंग में नजर आ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह हिंदू वोटों को साधने की रणनीति है या फिर सपा का मुस्लिम मतदाताओं पर भरोसा कम हो गया है।
नीले रंग को लेकर भी अखिलेश पर निशाना
मायावती ने अखिलेश यादव की ओर से नीले रंग के इस्तेमाल को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा चुनावी फायदे के लिए बहुजन और आंबेडकरवादी प्रतीकों का इस्तेमाल कर रही है।
दरअसल, हाल के दिनों में अखिलेश यादव कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में नीले रंग के मफलर के साथ नजर आए हैं। वहीं समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं के लिए नीली टी-शर्ट और लाल टोपी की चर्चा भी हुई है। इसे लेकर BSP और SP के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
मुस्लिम वोट को लेकर मायावती का बड़ा दावा
मायावती ने अपने बयान में मुस्लिम मतदाताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले चुनावों में मुस्लिम समाज के बड़े हिस्से ने सपा का समर्थन किया, लेकिन इसके बावजूद भाजपा को सत्ता में आने से नहीं रोका जा सका।
मायावती ने सवाल किया कि अगर सपा मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन के बावजूद सत्ता हासिल नहीं कर पाती, तो मुस्लिम समाज उसे बार-बार वोट क्यों दे?
हालांकि, मुस्लिम मतदाताओं के BSP की ओर तेजी से रुख करने का दावा मायावती का राजनीतिक दावा है।
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PDA को लेकर भी सपा से सवाल
मायावती ने समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा को जनता को बताना चाहिए कि उसके PDA की वास्तविक परिभाषा क्या है।
वहीं BSP प्रमुख ने अपनी पार्टी को ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति वाली आंबेडकरवादी पार्टी बताते हुए कानून-व्यवस्था, जनकल्याण और विकास के मुद्दों पर अपने शासन का जिक्र किया।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब भगवा रथ, नीला रंग और PDA जैसे मुद्दे चुनावी बहस का हिस्सा बनते दिखाई दे रहे हैं। आने वाले दिनों में सपा और बसपा के बीच यह राजनीतिक जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है।



